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Friday, 30 October, 2026
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छात्रवृत्ति दिलाने के नाम पर तमिलनाडु के लोगों से ठगी करने के आरोप में दिल्ली से दो लोग गिरफ्तार

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नयी दिल्ली, 30 अक्टूबर (भाषा) छात्रवृत्ति दिलाने के नाम पर तमिलनाडु के लोगों से कथित तौर पर ठगी करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनके कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया जिसमें करीब 54,000 लोगों के फोन नंबर का विवरण है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति दिलाने का वादा करके लोगों से ठगी गई रकम प्राप्त करने और उसे दूसरे खातों में भेजने के लिए कथित तौर पर एक म्यूल खाते का इस्तेमाल किया।

आरोपियों की पहचान दिल्ली के खिचड़ीपुर निवासी सचिन शर्मा (29) और त्रिलोकपुरी निवासी सुमित के रूप में हुई है।

पुलिस ने बताया कि मामला तमिलनाडु निवासी मुथु कुमार की शिकायत के बाद सामने आया।

शिकायत के अनुसार, उन्हें उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति देने का झांसा दिया गया और कथित तौर पर एक सितंबर को ऑनलाइन माध्यम से 17,989 रुपये अंतरित करने के लिए कहा गया।

इसके बाद कुमार ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद धन के लेन-देन की जांच करते हुए पुलिस ने बैंक ऑफ इंडिया के एक खाते का पता लगाया, जिसमें जमा ठगी की रकम पूर्वी दिल्ली के एक एटीएम से निकाली गई थी।

इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने खाता खोलने से जुड़े दस्तावेजों, बैंक खातों के विवरण और एटीएम के सीसीटीवी फुटेज के खंगाले। इसमें पता चला कि खाता शिवानी शर्मा के नाम पर था।

अधिकारियों ने बताया कि शिवानी ने सीसीटीवी फुटेज में रुपये निकालते दिख रहे व्यक्ति की पहचान अपने भाई सचिन के रूप में की और बताया कि उसने सचिन को अपना एटीएम कार्ड दिया था।

सचिन को 17 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर खुलासा किया कि उसने कमीशन के बदले अपनी बहन का एटीएम कार्ड और यूपीआई की जानकारी सुमित को उपलब्ध कराई थी।

पुलिस ने बताया कि सचिन ने पूछताछ में यह भी दावा किया कि उसने एटीएम से 10,000 रुपये निकाले, सुमित द्वारा दी गई यूपीआई जानकारी के जरिए 8,000 रुपये अंतरित किए और बदले में 3,000 रुपये कमीशन के तौर पर प्राप्त किए। उसका दावा था कि उसे जानकारी नहीं थी कि यह रकम साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी है।

पुलिस ने बताया कि सचिन के खुलासे के आधार पर 21 अक्टूबर को सुमित का पता लगाकर उसे गिरफ्तार किया गया और उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया।

अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल फोन की जांच में व्हाट्सऐप के जरिए साझा की गई एक्सेल फाइल मिलीं, जिनमें शिकायतकर्ता समेत करीब 54,000 लोगों के फोन नंबर के विवरण थे।

भाषा

राखी खारी

खारी

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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