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Friday, 30 October, 2026
होमरिपोर्टमध्य प्रदेश में बस संचालन को नई गति दे रही निजी भागीदारी और आधुनिक तकनीक

मध्य प्रदेश में बस संचालन को नई गति दे रही निजी भागीदारी और आधुनिक तकनीक

मोबिलिटी विजन 2030 के तहत बस नेटवर्क, यात्री सुविधाओं और निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे प्रयास.

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भोपाल: मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू होने के साथ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को ज्यादा सुविधाजनक, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार प्रयास कर रही है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर शुरू हुई इस सेवा में निजी बस ऑपरेटरों की भागीदारी को डिजिटल टिकटिंग, यात्री सुरक्षा और आधुनिक तकनीक पर आधारित निगरानी व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है. इसके जरिए यात्रियों को कम खर्च में सफर, बस ऑपरेटरों को बेहतर संचालन सुविधाएं और सरकार को परिवहन सेवाओं की प्रभावी निगरानी देने पर काम किया जा रहा है.

मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपीवाईपीआईएल) इस व्यवस्था को लागू करने और इसका विस्तार करने की दिशा में काम कर रहा है. प्रदेश सरकार के इस परिवहन उपक्रम के जरिए शहरी, ग्रामीण और अंतरराज्यीय बस सेवाओं को जोड़ने की योजना है. इसके तहत बस नेटवर्क बढ़ाने के साथ आधुनिक बस डिपो, टर्मिनल, अंतरराज्यीय बस अड्डे सहित अलग-अलग परिवहन साधनों को जोड़ने वाले केंद्र और इलेक्ट्रिक वाहनों की सुविधाएं विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को बेहतर बनाने और ज्यादा क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए मध्यप्रदेश मोबिलिटी विजन 2030 में प्रमुख लक्ष्य तय किए गए हैं. इनमें 15 हजार से ज्यादा सार्वजनिक बसें, 5 करोड़ से ज्यादा डिजिटल टिकट, 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों तक बस सेवा की पहुंच, रोजाना 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को सेवा, 80 से ज्यादा डिपो और टर्मिनल और ई-बसों के जरिए हर साल 70 हजार टन से ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी शामिल है. इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार और निजी क्षेत्र की साझेदारी यानी पीपीपी को बढ़ावा दिया जा रहा है. स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों के इस्तेमाल के साथ ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर ध्यान दिया जा रहा है, जो यात्रियों की जरूरतें पूरी करे और लंबे समय तक आर्थिक रूप से चलती रहे.

पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) व्यवस्था में निजी बस ऑपरेटरों के चयन के लिए पारदर्शी प्रक्रिया रखी गई है. अनुबंध और बस संचालन को इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम यानी आईटीएमएस से जोड़ा जा रहा है. सेवा की गुणवत्ता, बसों के फेरों और सुरक्षा की निगरानी के लिए सेवा स्तर समझौते (एसएलए) और प्रदर्शन के मानकों (की परफॉर्मेंस इंडिकेटर) को आधार बनाया गया है. ऑपरेटरों को बेहतर सेवा देने में मदद के लिए रखरखाव, चार्जिंग और बस संचालन के लिए जगह उपलब्ध कराने का प्रावधान है. चालकों, परिचालकों, रखरखाव और प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए क्षेत्रीय स्तर पर विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था को भी आगे बढ़ाया जा रहा है. स्वच्छ ईंधन वाली तकनीक अपनाने पर प्रोत्साहन और बस संचालन की समय-सारिणी चुनने में प्राथमिकता का प्रावधान रखा गया है.

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