नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ट्विशा शर्मा के पिता की उस मांग का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने अपनी बेटी की दहेज के कारण हुई मौत के मामले का ट्रायल दिल्ली में कराने की अपील की है.
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक हलफनामे में CBI ने भोपाल में ट्विशा की सास के प्रभावशाली पद को लेकर आशंका जताई है. एजेंसी ने कहा कि इससे वहां मामले के ट्रायल पर बुरा असर पड़ सकता है.
मध्य प्रदेश की कानूनी व्यवस्था में गिरिबाला सिंह के लंबे समय तक प्रभावशाली पदों पर रहने को देखते हुए CBI ने कहा कि न्यायिक क्षेत्र में उनकी पृष्ठभूमि के कारण वह मामले की सुनवाई को “प्रभावित कर सकती हैं” और गवाहों को डरा भी सकती हैं. एजेंसी ने अपने हलफनामे में एक से अधिक बार इस बात को दोहराया है.
गिरिबाला सिंह भोपाल की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद से रिटायर हुई थीं. जब यह आरोप लगा कि ट्विशा ने अपने पति और सास की प्रताड़ना के कारण आत्महत्या की, उस समय वह भोपाल के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की अध्यक्ष थीं. उनका बेटा समर्थ सिंह भोपाल में वकालत करता है.
CBI ने अपने रुख के समर्थन में हलफनामे में जांच के दौरान पूर्व न्यायाधीश की ओर से कथित हस्तक्षेप की दो घटनाओं का जिक्र किया है. केंद्रीय एजेंसी ने आरोप लगाया है कि ट्विशा की मौत के बाद गिरिबाला सिंह ने घटनास्थल को अपने हिसाब से संभालने और सबूतों से छेड़छाड़ करने की भी कोशिश की.
एजेंसी ने आरोप लगाया कि गिरिबाला सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग किया. उसने कहा कि कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिनसे पता चलता है कि उन्होंने पुलिस जांच में बेवजह हस्तक्षेप किया. जांच के दौरान उन्होंने एक तकनीशियन को फोन किया था और संबंधित CCTV फुटेज की कॉपी हासिल की थी.
इसी तरह, उन्होंने एक ब्यूटी पार्लर के मालिक को फोन करके 12 मई को वहां ट्विशा के आने के बारे में जानकारी मांगी थी. इसके बाद पूर्व न्यायाधीश ने कुछ लोगों को पार्लर का CCTV फुटेज लेने के लिए भेजा था.
CBI ने कहा कि ये दोनों घटनाएं इस बात का सबूत हैं कि गिरिबाला सिंह अपने पद और संपर्कों का इस्तेमाल करके सबूतों और गवाहों तक पहुंच सकती हैं और ऐसा करती भी हैं.
हालांकि, CBI ने औपचारिक रूप से ट्रायल को दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग नहीं की है, लेकिन उसने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि हलफनामे में दी गई जानकारी पर विचार करने और न्याय के हित में उचित आदेश पारित किया जाए. एजेंसी ने मामले को दिल्ली स्थानांतरित करने की याचिका में जताई गई चिंताओं का समर्थन किया है.
नोएडा की रहने वाली और पूर्व मिस पुणे ट्विशा ने दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह से शादी की थी. 33 वर्षीय ट्विशा 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं. भोपाल के AIIMS में उन्हें मृत अवस्था में लाया गया घोषित किया गया था.
तीन दिन बाद गिरिबाला सिंह और उनके बेटे के खिलाफ FIR दर्ज की गई. एक हफ्ते के भीतर, 22 मई को मध्य प्रदेश सरकार ने CBI जांच की मांग की. सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले का स्वतः संज्ञान लिए जाने के तुरंत बाद एजेंसी ने जांच अपने हाथ में ले ली.
अगस्त में CBI ने आरोपपत्र दाखिल किया. अदालत ने इसका संज्ञान ले लिया है और भोपाल की सत्र अदालत में आरोप तय करने को लेकर दलीलें सुनी जा रही हैं. हालांकि, CBI के हलफनामे में कहा गया है कि मामले की आगे की जांच अब भी जारी है.
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने मामले का ट्रायल दिल्ली स्थानांतरित करने की याचिका पर सुनवाई एक हफ्ते के लिए टाल दी. भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने प्रतिवादी के वकील की ओर से अतिरिक्त समय मांगे जाने के बाद सुनवाई स्थगित कर दी.
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