नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के अमरोहा में अपने बड़े बेटे की शराब की लत और खराब व्यवहार से परेशान एक दंपति ने शुक्रवार रात उसे मरवाने जैसा बड़ा कदम उठा लिया. 32-वर्षीय दुष्यंत कुमार का शव शनिवार सुबह उसके गांव के पास एक सूखी नहर में मिला.
जांच से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया कि दुष्यंत अपने माता-पिता प्रीतम सिंह और माया देवी और छोटे भाई संकित के साथ नासिरपुर गांव में रहता था.
अधिकारी ने कहा कि दुष्यंत की हत्या 8 और 9 मई की रात के बीच की गई और शव को गांव के पास नहर में फेंक दिया गया.
अधिकारी ने कहा, “परिवार दुष्यंत के व्यवहार से बहुत परेशान था. वह अविवाहित और बेरोज़गार था. उसे शराब की लत थी और वह परिवार से पैसे मांगता रहता था. छोटी-छोटी बातों या उसकी मांगें पूरी न होने पर वह हिंसा और धमकी का सहारा लेता था.”
जब परिवार और सुपारी किलर के बीच हुए सौदे के बारे में पूछा गया, तो अधिकारी ने कहा, “जोगेंद्र उर्फ ‘जॉली’ के साथ 5 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था, जिसमें से 55,000 रुपये एडवांस दिए गए थे.” अधिकारी के मुताबिक, जोगेंद्र पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं.
उन्होंने कहा, “मां को भी इस योजना की जानकारी थी और उसने एडवांस पैसे जुटाने के लिए अपने गहने तक गिरवी रख दिए थे.”
अधिकारी ने आगे बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक हत्या में स्क्रूड्राइवर का इस्तेमाल किया गया, लेकिन हथियार अभी तक बरामद नहीं हुआ है.
उन्होंने कहा, “जांच के दौरान हमने स्थानीय लोगों से बात की और जानकारी मिली कि संकित कई बार जॉली के साथ देखा गया था. पूछताछ में संकित ने अपना अपराध कबूल कर लिया.”
उन्होंने कहा, “हमने रविवार को दो आरोपियों—छोटे भाई संकित और पीड़ित के पिता प्रीतम सिंह, को गिरफ्तार कर लिया. मां माया देवी और जोगेंद्र अभी फरार हैं. आरोपियों को पकड़ने की कोशिश जारी है.”
दिप्रिंट ने इस मामले पर टिप्पणी के लिए अमरोहा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया से फोन पर संपर्क किया था. जवाब मिलने पर रिपोर्ट को अपडेट कर दिया जाएगा.
नशे की लत से जुड़े मामलों में परिवार के लोगों के खिलाफ हिंसक अपराध होना आम बात है, लेकिन यह उन दुर्लभ मामलों में से एक है जहां परिवार ने खुद इतना बड़ा कदम उठाया.
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में कुल 27,049 हत्या के मामले दर्ज किए गए. इनमें 9,607 मामलों में ‘विवाद’ सबसे बड़ा कारण था.
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 (एनएफएचएस-5) के अनुसार, पुरुषों में शराब पीने वालों की संख्या 22.4 प्रतिशत है. वहीं, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज (NIMHANS) के ताजा नेशनल मेंटल हेल्थ सर्वे में पाया गया कि 4.6 प्रतिशत लोग अल्कोहल यूज डिसऑर्डर से पीड़ित थे.
अनमोल कपिल TPSJ के पूर्व छात्र हैं और दिप्रिंट में इंटर्न हैं.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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