गुरुग्राम: राजस्थान कांग्रेस नेता इमरान खान ने सोमवार को कहा कि हरियाणा पुलिस ने रविवार रात पंचकूला के पास एक टोल प्लाजा पर तिजारा नगर पालिका के करीब 18 पार्षदों को ले जा रहे काफिले को कथित तौर पर रोक दिया और उन्हें किसी अज्ञात जगह पर ले गई.
पार्षद सोमवार दोपहर 3 बजे होने वाले तिजारा परिषद के चेयरपर्सन चुनाव में वोट डालने के लिए हिमाचल प्रदेश से लौट रहे थे. पंचकूला पुलिस ने दिप्रिंट के सवालों का जवाब नहीं दिया है.
खान ने कहा कि वह सोमवार सुबह हरियाणा के पंचकूला जिले के पिंजौर थाने पहुंचे. वह उन 18 पार्षदों के बारे में पता करने पहुंचे थे, जिनका उन्हें पता नहीं चल रहा था. पिंजौर जाते समय अपनी गाड़ी से बनाए और फेसबुक पेज पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में खान ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश से लौट रहे पार्षदों को पुलिस ने उनकी पहचान जांचने के बहाने रोककर अपने साथ ले लिया.
खान ने आरोप लगाया कि राजस्थान की तिजारा नगर परिषद के पार्षद रविवार रात हिमाचल प्रदेश से अपने घर लौट रहे थे. उन्हें सोमवार को परिषद के चेयरपर्सन के लिए वोट करना था. तिजारा से कांग्रेस नेता खान का आरोप है कि हरियाणा पुलिस ने पंचकूला के पास एक टोल प्लाजा पर उनके काफिले को रोककर उन्हें अपने साथ ले लिया.
दिप्रिंट से फोन पर बात करते हुए खान ने आरोप लगाया कि हथियारबंद हरियाणा पुलिसकर्मियों ने टोल प्लाजा पर गाड़ियों को रोका और पार्षदों को किसी अज्ञात जगह पर ले गए.
खान ने कहा, “हमारी जानकारी के मुताबिक, उन्हें मोरनी हिल्स की किसी जगह पर रखा गया है. उनकी गाड़ियां पहले ट्रैफिक पुलिस थाने में खड़ी थीं. लेकिन जब मैं सुबह तिजारा से अपने समर्थकों के साथ आया और प्रदर्शन शुरू किया, तो गाड़ियां सड़कों पर लावारिस वाहनों की तरह खड़ी कर दी गईं. यह लोकतंत्र की हत्या है.”
उन्होंने कहा कि पार्षदों के परिवार के सदस्य और राजस्थान से कांग्रेस कार्यकर्ता थाने में जमा हो गए. उन्होंने बताया कि वे धरने पर बैठे हैं और नारे लगा रहे हैं.
खान ने राजस्थान की तिजारा सीट से पिछला विधानसभा चुनाव लड़ा था और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के महंत बालक नाथ से हार गए थे.
चेयरपर्सन के लिए वोटिंग दोपहर 3 बजे होनी है. खान ने कहा कि अगर पार्षदों को अभी छोड़ भी दिया जाता है, तब भी वे समय पर तिजारा नहीं पहुंच पाएंगे.
तिजारा नगर पालिका राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले में है और अलवर लोकसभा क्षेत्र के तहत आती है. यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में आता है. यहां मेव मुसलमानों की अच्छी-खासी आबादी है. यह ऐतिहासिक मेवात क्षेत्र का हिस्सा है और हरियाणा के नूंह से करीब 44 किलोमीटर दूर है.
हिमाचल जाने की योजना
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, करीब 18 पार्षदों को वोटिंग से पहले एक साथ रखने के लिए हिमाचल प्रदेश ले जाया गया था, जहां कांग्रेस की सरकार है. वे रविवार रात एक बस और आठ दूसरी गाड़ियों में राजस्थान के लिए रवाना हुए थे.
35 सदस्यों वाली परिषद में 31 निर्दलीय, बीजेपी के तीन और कांग्रेस का एक पार्षद है. कांग्रेस का दावा है कि उसे 17 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन है. अपने एक पार्षद को मिलाकर उसके पास 18 पार्षद हो जाते हैं, जो बहुमत है.
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जिन कुछ गाड़ियों में पुलिसकर्मी आए थे, उन पर नंबर प्लेट नहीं थीं, जबकि कुछ गाड़ियों की नंबर प्लेट ढकी हुई थीं. दिप्रिंट इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका.
पिंजौर पुलिस थाने के बाहर से फेसबुक पर किए गए एक पोस्ट में खान ने समर्थकों से तिजारा के रिटर्निंग ऑफिसर के पास जाने, अपना विरोध दर्ज कराने और चुनाव रोकने की मांग करने को कहा.
उन्होंने हिंदी में लिखा, “जब उन्होंने हमारे पार्षदों को गायब कर दिया है तो यह चुनाव कैसे होगा? मैं पिंजौर पुलिस थाने के बाहर बैठा हूं.”
उन्होंने आरोप लगाया कि “निजी गुंडों और पुलिस ने मिलकर” पंचकूला टोल पर उनके लोगों को लूट लिया. उन्होंने कहा, “वे हमसे बात करके समय बिता रहे हैं और अभी तक हमारे पार्षदों को हमारे हवाले नहीं किया है. वे उन्हें तब छोड़ेंगे, जब वोटिंग का समय खत्म हो जाएगा.”
खान ने कहा कि कांग्रेस अब पार्षदों को वापस नहीं लेगी. उन्होंने लिखा, “अब वे हमारे किसी काम के नहीं हैं.”
उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सीधे संबोधित करते हुए भी लिखा, “हमें आपसे इसकी उम्मीद नहीं थी कि आप इतनी छोटी बातों में शामिल होंगे. आपने आज जो किया है, उससे सभी को शर्मिंदा होना पड़ा है.”
खान ने मांग की कि तिजारा नगर परिषद के चेयरपर्सन का चुनाव टाल दिया जाए और पार्षदों को रिहा किया जाए, ताकि चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से कराया जा सके.
पुलिस की चुप्पी
दिप्रिंट ने पिंजौर थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) राजेश कुमार से उनका पक्ष जानने की कोशिश की. उनके फोन पर एक व्यक्ति ने कॉल उठाया. उसने कहा कि ‘SHO साहब’ कहीं गए हैं और अपना फोन छोड़ गए हैं.
जब राजस्थान के कांग्रेस नेताओं के आरोपों पर उनकी प्रतिक्रिया मांगी गई तो उस व्यक्ति ने कहा, ‘कुछ नहीं है जी’ और फोन काट दिया.
पंचकूला पुलिस कमिश्नर पंकज नैन और उनकी डिप्टी अदिति सिंह ने व्हाट्सएप मैसेज का जवाब नहीं दिया. पुलिस की प्रतिक्रिया मिलने पर इस रिपोर्ट को अपडेट किया जाएगा.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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