scorecardresearch
Thursday, 5 November, 2026
होमदेशमणिपुर के नोनी में नागा समुदाय के दो हथियारबंद गुटों के बीच गोलीबारी, 3 की मौत, 2 घायल

मणिपुर के नोनी में नागा समुदाय के दो हथियारबंद गुटों के बीच गोलीबारी, 3 की मौत, 2 घायल

इस घटना में नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालिम (इसाक-मुइवाह) (NSCN-IM) और जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट (ZUF) की भूमिका होने का शक है.

Text Size:

नई दिल्ली: मणिपुर के नोनी जिले में बुधवार को हथियारबंद गुटों के बीच गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि यह गोलीबारी कथित तौर पर हथियारबंद उपद्रवी गुटों के बीच हुई. यह घटना ऐसे समय हुई है, जब पिछले कुछ सालों से राज्य में जारी हिंसा के दौरान मैतेई, कुकी-जो और नागा समुदायों के कई लोगों की मौत हो चुकी है.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया कि बुधवार रात करीब 1.55 बजे ताओदाइजांग में हथियारबंद गुटों के बीच गोलीबारी शुरू हुई. यह जगह नुंगबा पुलिस थाने से करीब 19 किलोमीटर पूर्व में है. इस घटना में नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालिम (इसाक-मुइवाह) (NSCN-IM) और जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट (ZUF) की भूमिका होने का शक है.

पुलिस ने मृतकों की पहचान नोनी जिले के पुंगमोल के ऐहुंग खुंबा के रूप में की है. बाकी दो की पहचान मेइजंथुई थाईमेई और गैंगिंगम कामेई के रूप में हुई है.

अधिकारी ने कहा, “इस घटना में तीन लोगों की जान चली गई, जबकि दो अन्य घायल हुए हैं.” उन्होंने बताया कि जरूरी कार्रवाई करने और आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए इलाके में मणिपुर पुलिस और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है.

अधिकारी ने कहा कि शक है कि इनमें से दो लोग जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट-जेनचुई (ZUF [J]) से जुड़े थे और एक व्यक्ति जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट-जेनचुई (कामसन) (ZUF [K]) से जुड़ा था.

इस बीच, ZUF ने एक बयान जारी कर हथियारबंद हमले में मारे गए अपने दो लड़ाकों के परिवारों के प्रति दुख जताया है. संगठन ने मृतकों की पहचान लुंगलेई गांव के कॉर्पोरल मेइजियंथुई थाईमेई और लुआंगचुम गांव पार्ट-1 के लांस कॉर्पोरल गैंगिंगम कामसन के रूप में की है.

संगठन ने कहा, “4 नवंबर 2026 को मणिपुर के नोनी जिले के ताओदाइजांग गांव में एक संयुक्त अभियान के दौरान NSCN-IM, NSCN-K (निकी सुमी) और कामसन गुट ने उन पर हमला किया. इस दौरान उन्होंने अपनी मातृभूमि के लिए जान दे दी.”

एक अलग प्रेस नोट में जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट (ZUF) ने तीसरे मृतक की पहचान मणिपुर के नोनी जिले के हौचोंग उप-मंडल के पुंगमोन गांव के लांस कॉर्पोरल ऐहुंग खुंबा के रूप में की है.

NSCN(IM) ने अभी तक इस घटना पर कोई बयान जारी नहीं किया है.

मणिपुर में 3 मई 2023 से जातीय हिंसा जारी है. उस दिन राज्य के तीन प्रमुख समुदायों में से दो-मैतेई और कुकी के बीच पहली बार हिंसा भड़की थी. पिछले साल फरवरी में तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था. इसके बाद हिंसा में कुछ समय के लिए कमी आई थी. लेकिन इस साल फरवरी में राष्ट्रपति शासन खत्म होने और युमनाम खेमचंद सिंह के मुख्यमंत्री बनने के बाद तनाव फिर बढ़ गया.

इस बार जातीय हिंसा का केंद्र मैतेई और कुकी समुदायों के बजाय कुकी और नागा समुदाय बन गए हैं. 2023 से जारी हिंसा में तीनों समुदायों के 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 60,000 से अधिक लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है.

नागा और कुकी गुटों के बीच तनाव और झड़पें लगातार बढ़ रही हैं. मणिपुर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कुछ पहाड़ी जिलों में सुरक्षा बलों के लिए कुकी और नागा समुदायों के बीच होने वाली झड़पों को रोकना कई बार मुश्किल हो जाता है. इन जिलों में दोनों समुदायों के लोग रहते हैं.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


यह भी पढ़ें: रामलीला मैदान की रैली को फ्लॉप बताने में क्यों जुटी BJP? विपक्ष के पक्ष में दिख रहे हैं 3 रुझान


 

share & View comments