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Monday, 11 May, 2026
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शुभेंदु अधिकारी के करीबी चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में तीन आरोपी 13 दिन की पुलिस हिरासत में

सरकारी वकील अधिवक्ता बिवास चटर्जी ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने सबूत मिटाने से जुड़ी अतिरिक्त धाराएं जोड़ने की मांग भी की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया.

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बारासात की एक अदालत ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को 13 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया.

गिरफ्तार आरोपियों—मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह को बिहार और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किए जाने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने तीनों को 24 मई तक पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया.

सरकारी वकील अधिवक्ता बिवास चटर्जी ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने सबूत मिटाने से जुड़ी अतिरिक्त धाराएं जोड़ने की मांग भी की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया.

उन्होंने कहा, “तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और अदालत ने उन्हें 24 मई तक, यानी 13 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. हमने सबूत नष्ट करने से जुड़ी धारा जोड़ने की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया.”

पुलिस के मुताबिक, यह गिरफ्तारी मध्यमग्राम थाना केस नंबर 353/2026 के तहत की गई है, जो 6 मई को भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की कई धाराओं में दर्ज हुआ था.

मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य को बिहार के बक्सर से हिरासत में लिया गया, जबकि राज सिंह को 10 मई को उत्तर प्रदेश के बलिया से गिरफ्तार किया गया. पूछताछ के बाद सोमवार सुबह तीनों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया.

पूर्व भारतीय वायुसेना कर्मी और शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ को 6 मई की रात मध्यमग्राम के पास गोली मार दी गई थी. बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना को “पूर्व नियोजित हत्या” बताया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि रथ को उनके साथ संबंध और भवानीपुर में ममता बनर्जी पर मिली राजनीतिक जीत की वजह से निशाना बनाया गया.

उन्होंने कहा था, “यह पूरी तरह सुनियोजित ऑपरेशन था. कई दिनों तक रेकी की गई और पीड़ित का पीछा करने के बाद उसे बेहद करीब से गोली मारी गई.”

टीएमसी ने इस मामले की कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की है. वहीं, पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी न्यायिक निगरानी में स्वतंत्र जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है.

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