जयपुर: असम की एक महिला ने आरोप लगाया है कि 31 अक्टूबर को जयपुर के एक रिहायशी परिसर में उनके पड़ोसियों ने उनके साथ नस्ली दुर्व्यवहार किया, यौन उत्पीड़न किया और मारपीट की. उनके पति ने यह भी आरोप लगाया है कि पड़ोसियों ने उनके 3 साल के बेटे को जान से मारने की धमकी दी, जो इस घटना का गवाह था.
रश्मि शिखा शर्मा और उनके पति पंकज जयपुर के आदिनाथ नगर में आरआर होम्स के ईकोवर्ल्ड 3 अपार्टमेंट परिसर में रहते हैं. उन्होंने पुलिस शिकायत में अपने पड़ोसियों अभिनव जैन और उनकी पत्नी सोमा जैन का नाम दिया है. दोनों फ्लैट नंबर 404 में रहते हैं.
पंकज के मुताबिक, घटना तब शुरू हुई जब रश्मि अपने बेटे के साथ कपड़े सुखाने के लिए छत पर गई थीं. वहां रहने वालों के लिए लगाए गए तारों पर पहले से कई कपड़े टंगे हुए थे. उन्हें देखकर रश्मि ने पड़ोसियों से पूछा कि ये कपड़े किसके हैं. जैन दंपति ने कहा कि कपड़े उनके हैं, जिसके बाद बहस शुरू हो गई.
पंकज ने आरोप लगाया कि जब रश्मि और उनका बेटा लिफ्ट से नीचे जाने की कोशिश कर रहे थे, तब अभिनव ने लिफ्ट का गेट रोक दिया. वहीं, सोमा ने रश्मि के बाल और गर्दन पकड़कर उनके साथ मारपीट की. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सोमा जैन ने रश्मि का सिर लिफ्ट की दीवार से दे मारा. परिवार ने कहा कि यह घटना अपार्टमेंट परिसर में लगे निगरानी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई.
पंकज ने आरोप लगाया कि दंपति ने उनकी पूर्वोत्तर की पहचान को लेकर अपमानजनक बातें कहीं. उन्होंने उन्हें ‘मणिपुरी’ कहा, उनके खाने की आदतों को लेकर आपत्तिजनक बातें कहीं और कहा कि पूर्वोत्तर की महिलाएं 500 रुपये में उपलब्ध होती हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दंपति ने उनके 3 साल के बेटे को जान से मारने और रश्मि को निर्वस्त्र करके घुमाने की धमकी दी. साथ ही रश्मि और बच्चे को छत से नीचे फेंकने की धमकी भी दी.
घटना के दौरान मौजूद उनका 3 साल का बेटा अपने पिता को बताने के लिए सीढ़ियों से नीचे भागा.
पंकज ने कहा, “अपार्टमेंट में सिर्फ एक लिफ्ट है. मेरा 3 साल का बेटा मुझे बताने के लिए सीढ़ियों से नीचे भागा. वह बच्चा है और ठीक से अपना संतुलन भी नहीं बना पा रहा था. उस दिन मैं अपने परिवार के दो सदस्यों को खो सकता था.”
रश्मि ने जयपुर पश्चिम के बिंदायका पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. 31 अक्टूबर को दर्ज एफआईआर में अभिनव और सोमा जैन को आरोपी बनाया गया है. अपनी शिकायत में रश्मि ने आरोप लगाया कि लिफ्ट के पास मारपीट से पहले उनके साथ अश्लील इशारे किए गए और अभद्र टिप्पणियां की गईं. उन्होंने गला दबाने और चोट लगने का भी आरोप लगाया. शिकायत में उन्हें छत से नीचे फेंकने की धमकी का भी जिक्र है.
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 126(2) और 74 के तहत मामला दर्ज किया. धारा 115(2) जानबूझकर किसी को चोट पहुंचाने से जुड़ी है. धारा 126(2) गलत तरीके से रोकने से जुड़ी है, यानी किसी व्यक्ति को उस दिशा में जाने से रोकना, जहां जाने का उसे कानूनी अधिकार है. धारा 74 किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला करने या आपराधिक बल का इस्तेमाल करने से जुड़ी है.
पंकज ने कहा कि परिवार 31 अक्टूबर को करीब दोपहर 1 बजे पुलिस थाने पहुंचा था और शिकायत करीब रात 9 बजे दर्ज की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि 1 नवंबर को रात करीब 2 बजे पुलिसकर्मी उनके घर आए, जिससे परिवार को देर रात परेशानी हुई. उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों ने परिवार से कहा था कि सुबह गिरफ्तारी की जाएगी. पंकज के मुताबिक, रश्मि की मेडिकल जांच 1 नवंबर को करीब दोपहर 12:30 बजे हुई और अभिनव को करीब दोपहर 1:30 बजे गिरफ्तार किया गया. पंकज ने कहा कि बाद में जमानत दे दी गई.
पंकज ने यह भी आरोप लगाया कि परिवार को रश्मि का इलाज कराने में परेशानी हुई. उन्होंने कहा कि 31 अक्टूबर की रात वे हर्चया अस्पताल गए थे, लेकिन पुलिस मामले से जुड़ा होने के कारण अस्पताल ने इलाज करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि परिवार ने 1 नवंबर को रश्मि की मेडिकल जांच कराने की तीन बार कोशिश की. ये कोशिशें करीब सुबह 10 बजे, 11:30 बजे और दोपहर 12:30 बजे की गईं.
जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया कि दोनों महिलाओं के बीच बहस से घटना शुरू हुई थी और अब मामला सुलझ गया है. उन्होंने कहा कि बहस के दौरान कुछ “असंसदीय भाषा” का इस्तेमाल किया गया था और यह पुष्टि की कि रश्मि के साथ दूसरी महिला ने मारपीट की थी. उन्होंने इस बात से इनकार किया कि बच्चे को जान से मारने की कोई धमकी दी गई थी.
जब आरोपी परिवार से संपर्क किया गया, तो उन्होंने आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर बताया. अभिनव जैन ने कहा, “गलती मेरी पत्नी की है और हम इसे स्वीकार करते हैं, लेकिन अब वे समाज में मेरी प्रतिष्ठा खराब कर रहे हैं. मेरी पत्नी ने सोसायटी की बैठक में भी माफी मांगी है.”
एफआईआर में मारपीट, गलत तरीके से रोकने, अश्लील इशारे और टिप्पणियां करने और रश्मि को छत से नीचे फेंकने की धमकी के आरोप दर्ज हैं. हालांकि, इसमें कथित नस्ली टिप्पणियों, बच्चे को जान से मारने की धमकी या रश्मि को निर्वस्त्र करके घुमाने की धमकी का जिक्र नहीं है. पंकज ने घटना के अपने बयान में इन आरोपों को अलग से बताया था.
दिप्रिंट ने टिप्पणी के लिए डीसीपी राजेश कुमार गुप्ता से भी संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला.
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