नई दिल्ली: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को कहा कि बिहार देश में व्यापक सिल्ट यानी नदी की गाद प्रबंधन नीति लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है. इसका उद्देश्य बार-बार आने वाली बाढ़ की समस्या से निपटना और जमा गाद का इस्तेमाल बुनियादी ढांचे के विकास में करना है.
चौधरी ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में ‘नदी संजीवनी’ पहल के तहत नदी से गाद निकालने और राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में इसके इस्तेमाल को लेकर एमओयू कार्यक्रम में यह बात कही.
उन्होंने कहा कि बिहार में नेपाल से सात बड़ी नदियां आती हैं, जिससे राज्य को बाढ़ का खतरा रहता है. गाद प्रबंधन नीति के तहत नदी की गाद का इस्तेमाल राजमार्ग, टाउनशिप और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में किया जा सकेगा.
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने ‘बिहार जल स्रोत पुनर्स्थापन एवं सिल्ट प्रबंधन नीति 2026’ बनाई है. इसके तहत बाढ़ और गाद से प्रभावित किसानों को दो हेक्टेयर तक जमीन के लिए 20 हजार रुपये सीधे दिए जाते हैं, ताकि खेतों में जमा रेत और गाद को हटाया जा सके.
चौधरी ने कहा कि ‘नदी संजीवनी’ पहल सफल होती है तो बिहार बाढ़ की समस्या को विकास के संसाधन में बदलकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है.