scorecardresearch
Tuesday, 3 November, 2026
होमदेशसेंट्रल विस्टा पुनर्विकास के लिए कृषि भवन की कदीमी मस्जिद हटाना जरूरी: केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा

सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास के लिए कृषि भवन की कदीमी मस्जिद हटाना जरूरी: केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा

केंद्र ने कहा- मस्जिद सरकारी जमीन पर है, 1940 के समझौते में प्रबंधन समिति को सिर्फ इस्तेमाल की अनुमति मिली थी, मालिकाना हक नहीं.

Text Size:

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया है कि सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजना के तहत कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (सीसीएस) की इमारत 4 और 5 के निर्माण के लिए कृषि भवन परिसर में स्थित कदीमी मस्जिद को हटाना जरूरी है.

भूमि एवं विकास कार्यालय (एलएंडडीओ) की ओर से दाखिल स्थिति रिपोर्ट में केंद्र ने कहा कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है. 8 नवंबर 1940 के एक समझौते के तहत प्रबंधन समिति को परिसर का सिर्फ मस्जिद के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी. इस समझौते से समिति को जमीन पर कोई मालिकाना हक नहीं मिला.

केंद्र ने कहा कि मस्जिद डॉ. राजेंद्र प्रसाद रोड स्थित प्लॉट नंबर 120 पर है और यह जमीन भारत सरकार की है. इसका प्रशासनिक नियंत्रण आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के एलएंडडीओ के पास है.

सरकार के मुताबिक, सेंट्रल विस्टा मास्टर प्लान में शास्त्री भवन और कृषि भवन की मौजूदा जगह पर सीसीएस की इमारत 4 और 5 बनाने का प्रस्ताव है. मस्जिद इसी प्रस्तावित परियोजना वाली जगह पर स्थित है, इसलिए निर्माण के लिए इसे हटाना जरूरी है.

केंद्र ने यह भी कहा कि कृषि भवन और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट परिसर सरकारी और प्रशासनिक काम के लिए इस्तेमाल होने वाली धर्मनिरपेक्ष सार्वजनिक जगहें हैं. सरकारी जमीन पर स्थायी धार्मिक ढांचे को बनाए रखना इस व्यवस्था के अनुरूप नहीं है.

सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के उल्लंघन की दलील को भी खारिज किया. केंद्र ने कहा कि यह अधिकार सरकारी जमीन पर किसी खास जगह पर पूजा करने का दावा करने का अधिकार नहीं देता.

केंद्र ने यह भी बताया कि कृषि भवन से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर इंडिया गेट के पास शाही मस्जिद जब्ता गंज है, जो नमाज के लिए चालू है.

यह मामला कदीमी मस्जिद की प्रबंधन समिति की याचिका से जुड़ा है. केंद्र ने 17 सितंबर 2026 के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद अपनी स्थिति रिपोर्ट दाखिल की है.

share & View comments