भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को अपराध के खिलाफ अपनी सरकार की सख्त जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई. उन्होंने कहा कि राज्य किसी भी हालत में आपराधिक तत्वों को बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने भोपाल में हाल ही में हुई मुठभेड़ में पुलिस की त्वरित कार्रवाई और देवास में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले टाउन इंस्पेक्टर (टीआई) दिलीप पुरी को शहीद का दर्जा दिए जाने का भी जिक्र किया.
मुख्यमंत्री ने 48 नए शामिल किए गए पुलिस उपाधीक्षकों (डीएसपी) की पासिंग आउट परेड की समीक्षा के बाद यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों का सर्वोच्च बलिदान बेकार नहीं जाएगा. उन्होंने टीआई दिलीप पुरी के परिवार को सरकार की ओर से पूरी मदद देने की बात कही. इसमें उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी देना भी शामिल है. उन्होंने कहा कि प्रशासन अपराधियों से सख्ती से निपटने के लिए लगातार कार्रवाई कर रहा है.
सीएम यादव ने कहा, “हमारी सरकार सभी विभागों में लगातार भर्ती अभियान चला रही है. अकेले पुलिस विभाग में पिछले तीन वर्षों में करीब 18,500 पद मंजूर किए गए हैं. सिपाही से लेकर सब-इंस्पेक्टर और डीएसपी तक सभी स्तरों पर लगातार भर्ती हो रही है. इसका नतीजा है कि हमारे सभी पुलिस प्रशिक्षण अकादमी लगातार नए बैचों के साथ पूरी क्षमता से चल रहे हैं.”
मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद पर प्रभावी तरीके से रोक लगाने और आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तारीफ की. उन्होंने कहा कि सरकार ने लंबे समय से चली आ रही सेवा संबंधी मांगों को पूरा करते हुए बड़ी संख्या में प्रमोशन दिए हैं.
उन्होंने कहा, “प्रशासन और पुलिस बल के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने 65 हजार से ज्यादा प्रमोशन को मंजूरी दी है. इससे हमारे जवानों के लंबे समय से चले आ रहे प्रमोशन के बकाया मामलों का समाधान हुआ है और विभाग की जरूरत के अनुसार उन्हें उनका सही पद मिला है.”
ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों के बलिदान का सम्मान करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए सीएम यादव ने कहा कि देवास जिले में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले टाउन इंस्पेक्टर (टीआई) दिलीप पुरी को शहीद का दर्जा दिया गया है.
यादव ने कहा, “सरकार टीआई दिलीप पुरी के परिवार को हर संभव मदद देगी, जिसमें उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी देना भी शामिल है. हमारे जवानों का सर्वोच्च बलिदान भुलाया नहीं जाएगा. राज्य किसी भी परिस्थिति में आपराधिक तत्वों को बर्दाश्त नहीं करेगा.”
उन्होंने भोपाल में आईएएस अधिकारी से जुड़ी एक घटना के बाद पुलिस की ओर से की गई तेज मुठभेड़ की कार्रवाई का भी उदाहरण दिया और इसे पुलिस की त्वरित कार्रवाई बताया.
मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रहे ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि इंदौर में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया और जबलपुर में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के साथ बड़े पैमाने पर पैदल मार्च निकाले गए. वहीं, भोपाल में अभियान के कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल हुए.