पिथौरागढ़, आठ अक्टूबर (भाषा) उत्तराखंड में पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी क्षेत्र में हिमालयी क्षेत्र के पक्षियों की गंभीर रूप से संकटग्रस्त प्रजातियों में शामिल लाल सिर वाला गिद्ध (रेड हेडेड वल्चर) देखा गया है।
यह गिद्ध पांच अक्टूबर को मुनस्यारी स्थित गैर सरकारी संगठन ‘मोनाल’ के पक्षी प्रेमियों की एक टीम ने देखा। इस गिद्ध का वैज्ञानिक नाम ‘सरकोजिप्स कैल्वस’ है।
‘मोनाल’ के निदेशक सुरेंद्र पंवार ने बताया कि उन्होंने और उनकी टीम ने मुनस्यारी में समुद्र तल से करीब 2,650 मीटर की ऊंचाई पर पातालथोड़ के जंगलों में इस गिद्ध को देखा। टीम में कविंदर पंवार और प्रकाश राणा भी शामिल थे।
पंवार के अनुसार, इस पक्षी को अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) की सूची में ‘गंभीर रूप से लुप्तप्राय’ श्रेणी में रखा गया है। यह भारतीय उपमहाद्वीप की संकटग्रस्त पक्षी प्रजातियों में शामिल है।
उन्होंने कहा, ‘‘बिना बालों वाले लाल सिर, मजबूत चोंच और गहरे रंग के पंखों के कारण यह भारत का सबसे आकर्षक गिद्ध माना जाता है।’’
पंवार ने बताया कि गिद्ध खुले घास वाले ढलान पर दिखाई दिया, जिससे टीम उसकी तस्वीरें लेने और उसका उचित दस्तावेजीकरण करने में सफल रही।
पिथौरागढ़ के प्रभागीय वन अधिकारी आदित्य रत्ना ने कहा कि 2,650 मीटर की ऊंचाई पर लाल सिर वाले गिद्ध का दिखाई देना महत्वपूर्ण है और यह दिखाता है कि इस क्षेत्र की खाद्य शृंखला और पारिस्थितकी तंत्र सुरक्षित है।
उन्होंने कहा, ‘‘गिद्धों को प्रकृति का सफाईकर्मी माना जाता है। वे मरे हुए जानवरों को खाकर जीवित रहते हैं। किसी क्षेत्र में उनकी मौजूदगी इस बात का संकेत है कि वहां खाद्य शृंखला सक्रिय है।’’
भाषा सं दीप्ति गोला
गोला
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