scorecardresearch
Tuesday, 13 October, 2026
होमदेश‘संविधान को तोड़ा गया, लोकतंत्र बहाल होने तक लड़ेंगे’, राहुल गांधी बोले—हमारा संघर्ष नहीं रुकेगा

‘संविधान को तोड़ा गया, लोकतंत्र बहाल होने तक लड़ेंगे’, राहुल गांधी बोले—हमारा संघर्ष नहीं रुकेगा

राहुल गांधी ने चुनावी गड़बड़ियों के आरोपों पर इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन को लोकतंत्र बहाल करने की लड़ाई बताया. कहा- मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार को जवाबदेह ठहराया जाएगा. विपक्ष ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की पाबंदी को भी चुनौती देने की बात कही.

Text Size:

नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि सरकार के खिलाफ विपक्ष की लड़ाई रुकेगी नहीं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र बहाल करने के लिए राजनीतिक विरोध जारी रहेगा और आखिरकार जीत भी इसी की होगी.

राहुल गांधी ने नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनकी टीम लंबे समय तक संघर्ष करने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा, “कल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मैंने ‘लगातार कोशिश करते रहने’ की बात कही थी. हमारी यह टीम रुकने वाली नहीं है. चाहे कल हो, परसों, तीन महीने, छह महीने, एक साल या दो साल बाद, यह संघर्ष नहीं रुकेगा. हम अपने अंतिम लक्ष्य तक पहुंचेंगे.”

उन्होंने पार्टी की आगे की रणनीति के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी. राहुल ने कहा, “मैं आपको ठीक-ठीक नहीं बता सकता कि हम वहां कैसे पहुंचेंगे, क्योंकि इससे आश्चर्य खत्म हो जाएगा. हम चाहते हैं कि आपके और देश के लिए उत्सुकता और आश्चर्य बना रहे.”

राहुल गांधी ने कहा कि हाल के प्रदर्शनों के दौरान जिस ऊर्जा, ताकत और एकजुटता के साथ विपक्ष ने अपनी बात रखी, उसी भावना के साथ आगे भी लड़ाई जारी रखी जाएगी. उन्होंने कहा, “मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि जिस ऊर्जा, ताकत और एकजुटता के साथ हमने लोगों को एकजुट किया, उसी भावना के साथ हम मिलकर लड़ते रहेंगे.”

सुप्रीम कोर्ट के प्रति सम्मान जताते हुए राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष की राजनीतिक लड़ाई अदालत के फैसलों पर निर्भर नहीं है. उन्होंने कहा, “सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद. हम सुप्रीम कोर्ट, भारत के मुख्य न्यायाधीश और भारतीय न्याय व्यवस्था का बहुत सम्मान करते हैं. उनकी एक भूमिका है और हमें उम्मीद है कि वे इसे निभाएंगे. लेकिन हम राजनीतिक लोग हैं. चाहे कुछ भी हो, कोई संस्था भूमिका निभाए या न निभाए, राजनीतिक विरोध जारी रहेगा, जनता का विरोध जारी रहेगा और आखिरकार इसकी जीत होगी.”

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा.

उन्होंने कहा, “हम आपसे वादा करते हैं कि जिन लोगों ने ऐसा किया है, यानी नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार, वह महिला जो इस समय देहरादून में छिपी हुई हैं और दूसरे लोग, उन्हें न्याय के दायरे में लाया जाएगा.”

राहुल ने कहा, “कल आपने यहां खड़ी राजनीतिक पार्टी की नहीं, बल्कि भारत के लोगों की आवाज देखी. हम दिल्ली और देश के उन लोगों का धन्यवाद करना चाहते हैं, जो हमारे साथ खड़े हुए. यह हमारे बारे में नहीं है. यह भारत के लोगों और उनके भविष्य के बारे में है. हम सभी मिलकर, क्योंकि हम आपसे प्यार करते हैं और आपका सम्मान करते हैं, देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल करने के लिए आखिरी दम तक लड़ेंगे. हम आपसे वादा करते हैं कि जिन लोगों ने ऐसा किया है, नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार, देहरादून में छिपी हुई वह महिला और दूसरे लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा.”

इससे पहले, इंडिया गठबंधन के नेताओं, विपक्षी सांसदों और छात्र संगठनों के साथ अपने आवास पर चाय बैठक के बाद राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन का एक ही मकसद है- देश में लोकतंत्र बहाल करना.

उन्होंने कहा, “यहां अलग-अलग प्रदर्शन नहीं हो रहे हैं. एक ही प्रदर्शन है और उसका एक ही मकसद है- भारत में लोकतंत्र बहाल करना. लोकतंत्र को नष्ट कर दिया गया है, चुनाव आयोग को नष्ट कर दिया गया है और संविधान को फाड़कर फेंक दिया गया है. हम देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल करने के लिए मिलकर लड़ रहे हैं.”

राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की जगह के तौर पर इस्तेमाल करने पर रोक लगाने के सरकार के फैसले को चुनौती देगा. उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में अपनी बात रखने का एक तरीका जंतर-मंतर था. लेकिन अब सरकार ने तय कर दिया है कि जंतर-मंतर का इस्तेमाल लोकतांत्रिक विरोध जताने के लिए नहीं किया जा सकता. हम इस फैसले को चुनौती देंगे. सरकार के लिए यह इतना आसान नहीं हो सकता कि वह तय कर दे कि भारत के लोग अपनी आवाज उठाने के लिए संघर्ष नहीं करेंगे.”

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारतीय संविधान को कमजोर करने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसे लागू करने वाले हैं.

उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने ऐसा किया है, उन्हें समझना चाहिए कि अब उनका घेरा कसता जा रहा है. मोदी इसके मुख्य योजनाकार हैं, अमित शाह इसे लागू करने वाले हैं और ज्ञानेश कुमार भी इसमें शामिल हैं. वे यह नहीं सोच सकते कि भारतीय संविधान को नष्ट करके आसानी से बच निकलेंगे.”

बैठक के बाद केरल के मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि इंडिया गठबंधन और कांग्रेस चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह नुकसान पहुंचाया है.

चेन्निथला ने कहा, “हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे, क्योंकि ज्ञानेश कुमार ने चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. इंडिया गठबंधन और कांग्रेस पार्टी आखिरी दम तक लड़ेंगे. यह साफ है कि सभी एकजुट हैं और हम केंद्र सरकार के गलत कामों, खासकर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लड़ेंगे.”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि करीब 20 साल पहले केरल में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सचिव रहते हुए ज्ञानेश कुमार पर कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार से जुड़ी एक फाइल की राज्य सरकार जांच कर रही है.

चेन्निथला ने कहा, “मुझे ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक आवेदन मिला था. यह करीब 20 साल पहले का मामला है, जब वह केरल में पीडब्ल्यूडी सचिव थे. हम इस फाइल की विस्तार से जांच कर रहे हैं. फाइल में साफ है कि वह कई तरह की भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल थे.”

उन्होंने आगे कहा, “अब केरल सरकार ने इन मामलों को सामने लाने का फैसला किया है. फाइल की पूरी जांच के बाद आने वाले दिनों में हम ज्ञानेश कुमार की इन कथित भ्रष्ट गतिविधियों पर कड़ा रुख अपनाएंगे. यह मामला पहले से ही केरल के निदेशक और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पास है.”


यह भी पढ़ें: मणिपुर में जातीय बंटवारे का असर प्रशासन पर, मैतेई, कुकी और नगा अधिकारियों के अलग-अलग इलाके


 

share & View comments