पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य लोगों की शिकायतों का पारदर्शी, निष्पक्ष और तय समय में समाधान करना है, ताकि जनता संतुष्ट रहे. उन्होंने कहा कि ‘सहयोग शिविर’ का उद्देश्य लोगों की समस्याओं को समय पर हल करना है.
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सचिवालय में राज्यस्तरीय ‘सहयोग कार्यक्रम’ की अध्यक्षता की. इस दौरान उन्होंने राज्य के अलग-अलग हिस्सों से आए 101 लोगों की शिकायतें खुद सुनीं.
अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री चौधरी ने लंबित मामलों को संवेदनशीलता के साथ जल्द से जल्द सुलझाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा, “सभी की समस्याओं को दूर करना और उन्हें न्याय दिलाना हमारा कर्तव्य है. आवेदनों के निपटारे में हर अधिकारी और कर्मचारी को पूरा सहयोग देना चाहिए.”
कार्यक्रम के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार, शिक्षा, गृह, ग्रामीण कार्य, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, नगर विकास एवं आवास और ऊर्जा विभाग से जुड़े मामलों पर सुनवाई हुई. मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों (डीएम) और विभागों के प्रमुखों को इन मामलों का तय समय में समाधान करने का निर्देश दिया. कई लोगों ने लंबे समय से लंबित अपनी समस्याओं का मौके पर समाधान होने पर संतुष्टि जताई.
मुख्यमंत्री ने ‘सेवा संकल्प’ और ‘कायाकल्प अभियान’ को पूरा करने के लिए 31 मार्च 2027 की समयसीमा तय की. उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण इलाकों में सरकारी इमारतों, अस्पतालों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य संस्थानों और दूर-दराज के गांवों की सड़कों की मरम्मत, देखरेख और सफाई सुनिश्चित की जाए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. इनमें रंगाई-पुताई, चारदीवारी, मरम्मत, शौचालय, पीने का पानी और बिजली शामिल हैं. उन्होंने उन स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं और नए भवन बनाने का भी निर्देश दिया, जहां अभी उचित सुविधाएं नहीं हैं.
बैठक में राज्य के कई मंत्री, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक में हिस्सा लिया.