scorecardresearch
Tuesday, 13 October, 2026
होमरिपोर्टटेलीग्राम-व्हाट्सऐप पर महिलाओं की निजी तस्वीरें बेचने का आरोप, मणिपुर में 13 गिरफ्तार

टेलीग्राम-व्हाट्सऐप पर महिलाओं की निजी तस्वीरें बेचने का आरोप, मणिपुर में 13 गिरफ्तार

मणिपुर पुलिस ने पैसे लेकर चलाए जा रहे उन ऑनलाइन ग्रुपों के मामले में 13 लोगों को पकड़ा है, जहां महिलाओं की मर्जी के बिना उनकी निजी तस्वीरें और वीडियो साझा किए जाने का आरोप है. इनमें बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री भी शामिल है. पुलिस ने 150 से ज्यादा चैनलों और ग्रुपों की पहचान की है.

Text Size:

नई दिल्ली: मणिपुर पुलिस ने 13 लोगों को पकड़ा है. इनमें कॉलेज के छात्र, पढ़ाई बीच में छोड़ चुके लोग और एक नाबालिग शामिल हैं. आरोप है कि वे सोशल मीडिया पर ऐसे ग्रुप चलाते थे, जिनकी सदस्यता के लिए हर महीने 150 से 500 रुपये लिए जाते थे. इन ग्रुपों में मणिपुर की महिलाओं की अश्लील तस्वीरें और वीडियो और बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री साझा की जाती थी.

पुलिस की जांच में पता चला कि इन ग्रुपों के एडमिन लोगों को अपने “खास ग्रुपों” से जोड़ने के लिए सार्वजनिक चैनलों पर “छोटी झलक वाले वीडियो” दिखाते थे.

बिष्णुपुर जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया कि पुलिस को भरोसेमंद जानकारी मिली थी कि “टेलीग्राम के कई चैनलों और व्हाट्सऐप ग्रुपों के एडमिन और सदस्य स्थानीय मणिपुरी महिलाओं के अश्लील वीडियो और तस्वीरें, उनकी मर्जी के बिना, साझा कर रहे थे, उनका लेन-देन कर रहे थे और उनसे पैसे कमा रहे थे. इसमें बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री (CSAM) बांटना भी शामिल था.”

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अलग-अलग डिजिटल मंचों पर मिलकर एक नेटवर्क बनाया था. छापेमारी के दौरान पुलिस ने 14 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप जब्त किया. इनका इस्तेमाल गैरकानूनी सामग्री बनाने, अपने पास रखने और दूसरों तक पहुंचाने के लिए किया जाता था.

अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए ज्यादातर लोग कॉलेज के छात्र हैं, जबकि कुछ ने पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी. आरोपियों की पहचान एन. राजेश सिंह उर्फ मैपाकचाओ, 21 साल; एच. धनजीत सिंह उर्फ टैसन, 19 साल; एच. रोजित सिंह, 19 साल; एम. क्लिंटन सिंह, 28 साल; ए. आरिया सिंह, 24 साल (ये सभी बिष्णुपुर के रहने वाले हैं); एस. एस. सिम्पसन सिंह, 34 साल; सफाबा सिंह, 19 साल; के. राकेश सिंह, 18 साल; रॉबर्ट सिंह, 27 साल (ये सभी इंफाल पश्चिम के रहने वाले हैं); कैवेंडिश सिंह उर्फ इंगोचा, 21 साल; एस. अलेक्जेंडर सिंह, 31 साल (दोनों काकचिंग के रहने वाले हैं); थौबल के रहने वाले बिपिन सिंह, 31 साल; और एक नाबालिग के तौर पर हुई है.

मणिपुर पुलिस ने मोइरांग पुलिस थाने में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) कानून, पॉक्सो (POCSO) कानून और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है. साथ ही, ‘ऑपरेशन डिग्निटी’ नाम से जांच शुरू की है.

अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया, “हम इस मामले से जुड़े बड़े नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और अन्य पीड़ितों की भी जांच कर रहे हैं.”

पहले उद्धृत अधिकारी ने कहा, “ये खास ग्रुप थे, जिनमें कोई भी सीधे तस्वीरें और वीडियो नहीं देख सकता था. सदस्यों को उन लोगों के जरिए बुलाया जाता था जिन्हें वे पहले से जानते थे. साल भर की सदस्यता के लिए अलग-अलग शुल्क थे. वे पहले से जुड़े सदस्यों की सदस्यता भी आगे बढ़ा रहे थे.”

उन्होंने बताया कि ज्यादातर सामग्री, यानी वीडियो और तस्वीरें, मणिपुर की स्थानीय महिलाओं की थीं. लेकिन आरोपी इंटरनेट से डाउनलोड करके दूसरे राज्यों की महिलाओं के वीडियो और तस्वीरों का भी लेन-देन कर रहे थे. अधिकारी ने कहा, “हमें कुछ ऐसे वीडियो भी मिले, जिन्हें आरोपियों ने खुद रिकॉर्ड किया था.”

अधिकारी ने बताया कि पुलिस अब तक 150 से ज्यादा चैनलों और ग्रुपों की पहचान कर चुकी है और उनमें से 38 को बंद कराने में सफल रही है.

अधिकारी ने कहा कि पुलिस स्टॉपएनसीआईआई (StopNCII) और सोशल मीडिया मंचों के जरिए सामग्री को जल्द हटाने में मदद कर रही है. साथ ही, कानूनी मदद और काउंसलिंग भी दी जा रही है. उन्होंने कहा, “पुलिसकर्मी गुप्त रूप से निजी ग्रुपों के अंदर मौजूद हैं. यूपीआई, बैंक खातों और आईएमईआई से जुड़े लेन-देन और जानकारी का पूरा रिकॉर्ड रखा जा रहा है.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


यह भी पढ़ें: मणिपुर में जातीय बंटवारे का असर प्रशासन पर, मैतेई, कुकी और नगा अधिकारियों के अलग-अलग इलाके


 

share & View comments