हैदराबाद, 23 अप्रैल (भाषा) तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी जारी रहने के कारण यात्रियों को निजी परिवहन पर निर्भर होना पड़ा।
कर्मचारियों ने आरटीसी के सरकार में विलय सहित अपनी 32 मांगों के समर्थन में कई जगहों पर प्रदर्शन किया।
आरटीसी ने जनता की सुविधा के लिए निजी तथा इलेक्ट्रिक बस चलाने की कोशिश की।
बस अड्डों पर पहुंचे यात्रियों को बस पकड़ने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। कुछ यात्रियों ने मीडिया से कहा कि बसों की अनुपलब्धता के कारण ऑटो सहित निजी वाहन भारी किराया वसूल रहे हैं।
विपक्षी दल भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के नेताओं ने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को समर्थन देते हुए सरकार से उनकी मांगें मानने को कहा।
पूर्व बीआरएस विधायक मेथुकू आनंद ने विकाराबाद जिले के तांडूर में प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
आरटीसी सूत्रों के मुताबिक, हड़ताल के कारण 22 अप्रैल को केवल 25 से 30 प्रतिशत बस ही चलाई जा सकीं।
परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने करीब 65 लाख लोगों द्वारा आरटीसी बसों का रोजाना उपयोग किए जाने के मद्देनजर कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने की अपील की।
उन्होंने बीआरएस विधायक टी. हरीश राव पर हड़ताल के जरिए आरटीसी की खराब छवि प्रस्तुत करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
प्रभाकर ने कहा कि कुल 32 में से 29 मांगों पर सरकार का कोई विरोध नहीं है और आरटीसी का सरकार के साथ विलय तथा निगम के मान्यता प्राप्त संघों में चुनाव जैसी दो प्रमुख मांगों पर तकनीकी मुद्दे सुलझाने की जरूरत है।
अधिकारियों के साथ बातचीत विफल होने के बाद आरटीसी कर्मचारियों के नेताओं ने मंगलवार रात हड़ताल की घोषणा की थी।
भाषा नेत्रपाल
नेत्रपाल
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.