नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की बुधवार से शुरू हो रही तीन-दिवसीय भारत यात्रा के दौरान आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने, सेमीकंडक्टर के लिए मजबूत आपूर्ति शृंखला विकसित करने और कृत्रिम मेधा (एआई) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
ताकाइची और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दो जुलाई को नयी दिल्ली में शिखर वार्ता करेंगे। जापानी प्रधानमंत्री एक संयुक्त आर्थिक मंच में भी हिस्सा लेंगी।
मामले के बारे में जानकारी रखने वालों के अनुसार, दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच वार्ता के बाद आर्थिक सुरक्षा सहयोग पर एक संयुक्त घोषणा और कृत्रिम मेधा (एआई) के क्षेत्र में सहयोग पर एक संयुक्त वक्तव्य जारी किए जाने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि दोनों पक्ष करीब 10 समझौतों को अंतिम रूप दे सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, भारत और जापान के बीच महत्वपूर्ण खनिजों तथा औषधि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर भी व्यापक चर्चा होने की संभावना है।
हाल के वर्षों में भारत-जापान संबंधों में उल्लेखनीय मजबूती आई है।
वर्ष 2014 में दोनों देशों के संबंधों को विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी का दर्जा दिया गया था।
वर्ष 2027 में राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ से पहले दोनों देशों के बीच व्यापार एवं निवेश, आर्थिक सुरक्षा, रक्षा एवं सुरक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, संस्कृति तथा लोगों के बीच संपर्क सहित अनेक क्षेत्रों में सहयोग लगातार गहरा हुआ है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच 70 से अधिक संवाद तंत्र मौजूद हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले वर्ष अगस्त में तोक्यो में आयोजित 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए जापान की यात्रा की थी। वार्षिक शिखर सम्मेलन दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी के एजेंडे को आगे बढ़ाने का प्रमुख मंच माना जाता है।
भाषा अमित सुरेश
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