नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान के तहत अपने और अपने परिवार के लिए गणना फॉर्म (Enumeration Form) जमा किया. इस दौरान उन्होंने राजधानी के सभी पात्र मतदाताओं से इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की.
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, रेखा गुप्ता ने मतदाताओं से कहा कि वे अपने गणना फॉर्म को सही जानकारी के साथ भरें और निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने-अपने बूथ लेवल अधिकारी (BLO) को जमा करें.
दिल्ली सीएमओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वयं SIR प्रक्रिया की औपचारिकताएं पूरी करते हुए गणना फॉर्म जमा किया और सभी पात्र मतदाताओं से मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में सहयोग करने का आग्रह किया.
इस बीच, निर्वाचन आयोग का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान मंगलवार से दिल्ली में शुरू हो गया. यह देशव्यापी अभियान इस उद्देश्य से चलाया जा रहा है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से छूट न जाए और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, बूथ लेवल अधिकारी 30 जून से 29 जुलाई तक घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना फॉर्म उपलब्ध कराएंगे और भरे हुए फॉर्म एकत्र करेंगे. मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट) 5 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा, जबकि दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 4 सितंबर तक रहेगी. अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी.
CEO कार्यालय ने बताया कि जिन मतदाताओं के नाम पहले से मतदाता सूची में दर्ज हैं, उन्हें BLO के माध्यम से गणना फॉर्म दिया जाएगा. यदि किसी घर पर ताला बंद मिलता है तो BLO फॉर्म छोड़ जाएगा और उसे प्राप्त करने के लिए कम से कम तीन बार पुनः दौरा करेगा.
निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, गणना फॉर्म के साथ किसी दस्तावेज को जमा करने की आवश्यकता नहीं है. मतदाता निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर 1950, ‘बुक-ए-कॉल’ सुविधा और दिल्ली के सभी जिला मुख्यालयों एवं विधानसभा क्षेत्रों में स्थापित मतदाता सहायता केंद्रों के जरिए भी मदद प्राप्त की जा सकती है.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली की वर्तमान मतदाता सूची में कुल 1 करोड़ 45 लाख 10 हजार 298 मतदाता दर्ज हैं. इनमें 77 लाख 11 हजार 132 पुरुष, 67 लाख 98 हजार 142 महिला और 1,024 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं. ये मतदाता राजधानी के 13,033 मतदान केंद्रों में पंजीकृत हैं.
निर्वाचन आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार, यह पुनरीक्षण अभियान संविधान के अनुच्छेद 326 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के प्रावधानों के तहत मतदाताओं की पात्रता का सत्यापन करने के लिए चलाया जा रहा है.