लखनऊ, 30 अक्टूबर (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने बलरामपुर जिले में पंचायत चुनाव की मतदाता सूची से 32 लोगों के नाम कथित तौर पर अवैध तरीके से हटाए जाने के मामले में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा।
अदालत ने पंचायत मतदाता सूची में कथित तौर पर गलत तरीके से शामिल किए गए 47 लोगों को भी नोटिस जारी किया है।
न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति ए. के. चौधरी की खंडपीठ ने संतोष कुमार और 31 अन्य की ओर से दायर याचिका पर यह आदेश पारित किया।
अदालत ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए अलग-अलग हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया है।
मामले की अगली सुनवाई 15 दिसंबर को होगी।
याचिकाकर्ताओं ने मतदाता सूची से अपने नाम हटाए जाने की कार्रवाई को चुनौती दी है। याचिका में इस कार्रवाई को कथित तौर पर अवैध बताते हुए अदालत से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया गया।
इससे पहले, इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने अमेठी जिले में भी अंतिम पंचायत मतदाता सूची से 138 लोगों के नाम हटाए जाने के मामले में राज्य निर्वाचन आयोग से स्पष्टीकरण मांगा था। ये नाम मतदाता सूची के प्रारूप में शामिल थे, लेकिन अंतिम सूची से हटा दिए गए थे।
न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की पीठ ने मंगलवार को अमेठी जिले की महमूदपुर बेनीपुर ग्राम पंचायत के गोपालपुर गांव के 138 निवासियों की याचिका पर यह निर्देश दिया था।
भाषा सं सलीम खारी
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