नई दिल्ली: तेलंगाना पुलिस ने पिछले महीने सिकंदराबाद में भारतीय सेना की मद्रास रेजिमेंट के शस्त्रागार से आधुनिक हथियारों की चोरी के पीछे होने के शक में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है. दिप्रिंट को इस बारे में जानकारी मिली है.
सूत्रों ने आगे बताया कि मुख्य संदिग्ध की पहचान के बाद, जो हाल ही में सेना से रिटायर हुआ है और जिसे सैन्य कैंप के पूरे इलाके की जानकारी थी, पुलिस ने चोरी हुए हथियार भी बरामद कर लिए हैं. इनमें चार एके-203 असॉल्ट राइफल, छह 9 mm पिस्तौल और एक INSAS राइफल के साथ चोरी हुआ गोला-बारूद भी शामिल है.
उन्होंने बताया कि मुख्य संदिग्ध से पूरी घटना और साजिश की कड़ी को समझने के लिए पूछताछ की जा रही है. पुलिस महानिदेशक सी. वी. आनंद दोपहर बाद होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी पूरी जानकारी देंगे.
दिप्रिंट ने पहले रिपोर्ट की थी कि मल्काजगिरी पुलिस कमिश्नरेट ने भारतीय सेना की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(4) (छिपकर घर में घुसना या घर में सेंध लगाना) और 305 (विशेष रूप से सुरक्षित जगहों पर चोरी) के तहत एफआईआर दर्ज की थी.
हथियारों के अलावा, सेना ने पुलिस को बताया था कि शस्त्रागार से करीब 1,800 राउंड गोला-बारूद और 21 मैगजीन भी गायब हैं. इसके बाद सिकंदराबाद के पूरे बोलारम कैंटोनमेंट इलाके में हाई अलर्ट कर दिया गया था. गायब हुए इन राउंड में करीब 700 एके-203 राइफल के थे.
स्थानीय पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में मद्रास रेजिमेंट में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक के एक अधिकारी ने बताया कि हथियार और गोला-बारूद गायब होने की जानकारी सामने आने के बाद कई कदम उठाए गए. इनमें हथियारों और गोला-बारूद के पूरे स्टॉक और उनसे जुड़े रिकॉर्ड की पूरी तरह जांच और मिलान करना शामिल था.
इसके अलावा, सेना ने स्टोरेज एरिया तक पहुंच रखने वाले जवानों की पहचान कर उनसे पूछताछ भी की थी. अधिकारी ने अपनी शिकायत में कहा कि गायब हथियारों और गोला-बारूद की जानकारी अधिकारियों की पूरी चेन को भी दी गई थी. उन्होंने यह भी बताया कि हथियार और गोला-बारूद किन परिस्थितियों में गायब हुए, इसका पता लगाने के लिए सेना ने विस्तृत आंतरिक जांच शुरू की थी.
हालांकि, उन्होंने पुलिस से आपराधिक मामला दर्ज करने की भी अपील की थी, क्योंकि इस बात की संभावना थी कि गायब हुए इन सैन्य हथियारों और गोला-बारूद को “बिना अनुमति अपने पास रखना, गलत इस्तेमाल करना या एक जगह से दूसरी जगह ले जाना” हो सकता है.
सेना के अधिकारी ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था, “गायब सामान की प्रकृति को देखते हुए, खासकर सैन्य हथियारों और गोला-बारूद को देखते हुए, इस बात की संभावना है कि इन्हें बिना अनुमति अपने पास रखा गया हो, इनका गलत इस्तेमाल किया गया हो या इन्हें कहीं ले जाया गया हो. इसलिए उन्होंने अनुरोध किया कि पुलिस इस मामले की जांच करे और चोरी/गबन, हथियार/गोला-बारूद को बिना अनुमति अपने पास रखने और जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य अपराधों से जुड़ी लागू धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जाए.”
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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