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Sunday, 26 July, 2026
होमदेशअफीम की लत से इंटरपोल के मोस्ट वांटेड तक: पंजाब के गैंगस्टर बिल्ला का उभार और पतन

अफीम की लत से इंटरपोल के मोस्ट वांटेड तक: पंजाब के गैंगस्टर बिल्ला का उभार और पतन

कभी नशे की लत से जूझने वाला गांव का एक युवक, जोबनजीत सिंह उर्फ़ बिल्ला, हत्या और जबरन वसूली का आरोपी एक वांटेड गैंगस्टर बन गया और गिरफ़्तारी से पहले फ़र्ज़ी पासपोर्ट पर कई महाद्वीपों की यात्रा की.

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नई दिल्ली: 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए पंजाब में मतदान से एक दिन पहले, सूर्यास्त के बाद दो लोग स्प्लेंडर बाइक पर अमृतसर के लखोवाल गांव पहुंचे. यह वह समय था जब गांव के छोटे-बड़े लोग अक्सर अपने घरों के बाहर बैठे होते हैं. बाइक पर पीछे बैठे व्यक्ति ने नीचे उतरकर अपने निशाने पर गोली चला दी.

पीड़ित दीपिंदर सिंह उर्फ दीपु, जो सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) का स्थानीय कार्यकर्ता था, की कुछ देर बाद अस्पताल में मौत हो गई. इसके बाद गांव वालों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया और कुछ समय के लिए चुनाव का बहिष्कार भी किया. दीपु कई मामलों में आरोपी भी था और जमानत पर बाहर था.

हत्या के कुछ घंटों बाद, विदेश में बैठे गैंगस्टर बलविंदर सिंह उर्फ डोनी बल ने सोशल मीडिया पर इस हत्या की जिम्मेदारी ली. उसने आरोप लगाया कि दीपु जग्गू भगवानपुरिया के विरोधी गैंग का सदस्य था और उसने उन लोगों को पनाह दी थी जिन्होंने 2021 में उसके साथी गैंगस्टर रणबीर सिंह उर्फ राणा कंडोवालिया की हत्या की थी.

जांच आगे बढ़ने पर दीपु के पिता ने पुलिस को बताया कि दीपु को डोनी बल और उसके साथी जोबनजीत सिंह उर्फ बिल्ला से धमकियां मिल रही थीं. उन्होंने उसे धमकी दी थी कि कंडोवालिया की हत्या के बाद मिठाइयां बांटने के लिए उसे मार दिया जाएगा.

हालांकि बल पंजाब पुलिस की पकड़ से बचने में कामयाब रहा, लेकिन बिल्ला को इस हफ्ते की शुरुआत में इंडोनेशिया के अधिकारियों ने जकार्ता एयरपोर्ट पर पकड़ लिया और भारत भेज दिया.

मुंबई पहुंचने के तुरंत बाद उसे पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने हिरासत में ले लिया. यह एक विशेष बल है जिसे राज्य के अंदर और बाहर सक्रिय गैंगस्टरों की जांच और उन्हें पकड़ने के लिए बनाया गया है.

दिप्रिंट द्वारा देखे गए पंजाब पुलिस के एक डोजियर के अनुसार, बिल्ला अमृतसर के अर्जन मंगा गांव का रहने वाला है और गोपी घनश्यामपुरिया और डोनी बल गैंग का प्रमुख सदस्य है. पिछले तीन सालों में माझा क्षेत्र में हत्या, हत्या की कोशिश और फिरौती के करीब दो दर्जन मामलों में उसका नाम सामने आया है.

घनश्यामपुरिया की 2017 में गैंग दुश्मनी के कारण हत्या कर दी गई थी और फिलहाल ब्रिटेन से गैंग चलाने वाला डोनी बल उसका नेता है.

बिल्ला कैसे पकड़ा गया

विदेशों में छिपे गैंगस्टरों को खोजने और पकड़ने के लिए पंजाब पुलिस ने एक विशेष सेल बनाया है, जिसे ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रेडिशन सेल (OFTEC) कहा जाता है. यह सेल विदेशों में मौजूद गैंगस्टरों की लोकेशन और गतिविधियों के बारे में खुफिया जानकारी जुटाता है.

इस साल जनवरी में OFTEC, जिसकी अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक आशीष चौधरी कर रहे हैं और जिसमें SP बिक्रमजीत बराड़ सहित कई अधिकारी शामिल हैं, को जानकारी मिली कि बिल्ला संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में है. इसके बाद उसे गिरफ्तार करने की कोशिश शुरू की गई.

लेकिन वह उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के एक पते पर झूठी पहचान के आधार पर बनाए गए फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल करके बच निकला. जांच में पता चला कि यह यात्रा दस्तावेज मार्च 2024 में लखनऊ से जारी किया गया था.

पंजाब पुलिस की आगे की जांच में पता चला कि वह जनवरी 2025 में इसी पासपोर्ट के आधार पर भारत से भाग गया था और विदेश से फिरौती और हत्या का नेटवर्क चला रहा था.

माझा क्षेत्र में फिरौती और हत्या की कोशिश के करीब एक दर्जन मामलों में उसका नाम शामिल है. पंजाब सरकार ने बिल्ला की गिरफ्तारी के लिए 5 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी.

पंजाब पुलिस के सूत्रों ने दिप्रिंट को बताया कि उसे पकड़ने और वापस लाने के लिए खुफिया जानकारी पर आधारित एक ऑपरेशन शुरू किया गया, जिसका नाम ऑपरेशन नोमैड हंट रखा गया था. अगले कुछ महीनों में बिल्ला इस फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल करते हुए अंगोला, जॉर्जिया, तुर्की और अजरबैजान जैसे देशों में घूमता रहा.

पिछले महीने उसकी मौजूदगी इंडोनेशिया में पक्की हुई. इसके बाद उसकी गिरफ्तारी और भारत वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन वह हिरासत से बच निकला.

अधिकारियों के अनुसार, बिल्ला पूरे महीने इंडोनेशिया में रहा और 20 जुलाई को वहां से भागने की कोशिश की. इसी दौरान उसे आखिरकार जकार्ता इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पकड़ लिया गया.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “आरोपी इंडोनेशिया से बाहर जाने की कोशिश कर रहा था. इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर जकार्ता एयरपोर्ट के इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे रोक लिया. जब उसने भागने की कोशिश की, तो इंडोनेशिया की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने तुरंत उसका पीछा किया और उसे पकड़ने में सफल रहे.”

बिल्ला का अतीत

अफीम का आदी बिल्ला पंजाब आधारित उन गैंगस्टरों का एक सामान्य उदाहरण दिखाई देता है, जो फिरौती, हत्या और नशे के कारोबार के जटिल जाल में शामिल हैं.

वह मजहबी सिख समुदाय से आता है, जिसे सरकार ने अनुसूचित जाति के रूप में मान्यता दी है. उसने गांव के स्कूल से 11वीं कक्षा तक पढ़ाई की.

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, बिल्ला सबलिंगुअल ब्यूप्रेनॉर्फिन नाम की दवा का भी आदी है. यह दवा पंजाब में नशे की लत से छुटकारा दिलाने के लिए शुरू की गई थी. आलोचक लंबे समय से ब्यूप्रेनॉर्फिन को नशा मुक्ति की दवा के रूप में इस्तेमाल करने पर सवाल उठाते रहे हैं, क्योंकि कुछ मरीजों में दोबारा नशे की लत लौटने और खुद इस दवा की आदत लगने की संभावना देखी गई है.

पुलिस डोजियर के अनुसार, बिल्ला को पहली बार जनवरी 2019 में अमृतसर ग्रामीण जिला पुलिस ने नशीली 200 गोलियों के साथ गिरफ्तार किया था. अगले महीने उसे जमानत मिल गई थी.

इसके बाद के कुछ सालों में उस पर क्षेत्र में नशे से जुड़े कई और मामले दर्ज हुए. लेकिन मई 2023 में अमृतसर के साथियाला गांव में गैंगस्टर जरनैल सिंह की दिनदहाड़े हत्या के बाद वह चर्चा में आया.

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, चार नकाबपोश लोग, जिनमें बिल्ला भी शामिल था, मारुति सुजुकी डिजायर कार से उतरे और जमानत पर बाहर आए सिंह पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं. पहले जरनैल सिंह को घनश्यामपुरिया गैंग का सदस्य माना जाता था, लेकिन बाद में उसका बल और घनश्यामपुरिया के भाई मनप्रीत सिंह उर्फ मुन्न से विवाद हो गया था.

पंजाब AGTF ने गुरवीर सिंह उर्फ गुरी को गिरफ्तार किया. आरोप है कि उसने बताया कि इस हत्या की साजिश बल, मुन्न और बिल्ला ने मिलकर बनाई थी, क्योंकि विदेश में बैठे गैंगस्टरों को शक था कि सिंह पुलिस का मुखबिर है.

इन गैंगस्टरों के खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी रखने वाले पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने द प्रिंट को बताया, “जमानत पर बाहर आने के बाद जरनैल सिंह ने चुनाव लड़ा और गांव का सरपंच बन गया. उसके पुराने सहयोगियों और गैंग के सदस्यों को शक हुआ कि वह प्रशासन के करीब हो गया है और पुलिस का मुखबिर बन गया है. उसकी हत्या एक साजिश के तहत की गई, जिसमें बिल्ला ने योजना बनाने और उसे अंजाम देने दोनों में सक्रिय भूमिका निभाई.”

पंजाब पुलिस ने बिल्ला के भाई गुरविंदर को भी गिरफ्तार किया था. उस पर माझा क्षेत्र में बिल्ला के फिरौती नेटवर्क को मदद पहुंचाने का आरोप था.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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