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Monday, 1 June, 2026
होमदेशहरियाणा के अस्पताल में रिटायर्ड डॉक्टर पर नाबालिग से यौन उत्पीड़न का आरोप, POCSO के तहत मामला दर्ज

हरियाणा के अस्पताल में रिटायर्ड डॉक्टर पर नाबालिग से यौन उत्पीड़न का आरोप, POCSO के तहत मामला दर्ज

आरोपी की पहचान डॉ. शैलेंद्र कुमार शैली के तौर पर हुई है, जो अस्पताल से प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर के पद से रिटायर हुए थे. आरोप है कि उन्होंने OPD कक्ष में नाबालिग के साथ कई बार दुर्व्यवहार किया.

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गुरुग्राम: हरियाणा के कुरुक्षेत्र में लोक नायक जय प्रकाश जिला सिविल अस्पताल में कंसल्टेंट डॉक्टर के तौर पर दोबारा नियुक्त एक रिटायर्ड मेडिकल ऑफिसर पर शुक्रवार को अपने OPD रूम में 15 साल की एक लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है. घटना के बाद से ही आरोपी फरार है.

आरोपी की पहचान डॉ. शैलेंद्र कुमार शैली के तौर पर हुई है. वह इसी अस्पताल से प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर के पद से रिटायर हुए था. लड़की के पिता की शिकायत के बाद कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ ‘यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012’ (POCSO Act) की धारा 6 और 10 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

रविवार को, हरियाणा के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक ने एक औपचारिक आदेश जारी कर शैली की कंसल्टेंसी सेवाओं को “तत्काल प्रभाव से” समाप्त कर दिया. इस आदेश में उनके खिलाफ दर्ज FIR की गंभीरता का हवाला दिया गया है.

दिप्रिंट द्वारा देखे गए इस आदेश पर हरियाणा की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा के साइन हैं. इसकी प्रतियां कुरुक्षेत्र के सिविल सर्जन, जिला सिविल अस्पताल के प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर, स्वास्थ्य मंत्री के कार्यालय और मुख्यमंत्री कार्यालय सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजी गई हैं.

करीब एक साल पहले अपनी मां को खो चुकी यह लड़की पहली बार 25 मई को अपने पिता के साथ अस्पताल आई थी. शुक्रवार को वे दोबारा अस्पताल आए. उस समय पिता को बुखार था, जबकि लड़की पेट दर्द और पेशाब संबंधी दिक्कतों से परेशान थी. डॉ. शैली ने पिता को मेल वार्ड (पुरुषों के वार्ड) में और लड़की को फीमेल वार्ड (महिलाओं के वार्ड) में भर्ती कर लिया.

इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. उपेंद्र, जिन्होंने बाद में लड़की का इलाज किया, ने दिप्रिंट को बताया कि शैली इसके बाद लड़की को अपने OPD रूम में ले गया. उसने ऐसा कथित तौर पर जांच-पड़ताल (एग्जामिनेशन) के बहाने किया था.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पिता की शिकायत में कहा गया है कि चेक-अप के बहाने शैली ने लड़की को जांच-बिस्तर (एग्जामिनेशन बेड) पर लिटाया, उसके सीने को दबाया और फिर उसका यौन उत्पीड़न किया—पहले उंगलियों के ज़रिए और फिर कई बार. इस हमले के कारण लड़की को दर्द हुआ और खून बहने लगा. इसके बाद डॉक्टर ने लड़की को वापस फीमेल वार्ड में भेज दिया और खुद अस्पताल से फरार हो गया.

उसी रात करीब 8:30 बजे, ज़्यादा खून बहने के कारण लड़की की हालत बिगड़ गई. इसके बाद उसे फीमेल वार्ड से इमरजेंसी विभाग में शिफ़्ट कर दिया गया. वहीं उसने सीनियर डॉक्टरों को बताया कि OPD में शैली के साथ क्या हुआ था. एक स्त्री रोग विशेषज्ञ को बुलाया गया, और उनकी जांच में यौन उत्पीड़न की कई घटनाओं की पुष्टि हुई; इस बात को उन्होंने लिखित रूप में दर्ज किया.

जब पिता अपनी बेटी से मिलने वार्ड में आए, तो उन्होंने देखा कि वह बहुत परेशान और गुमसुम थी. बार-बार पूछने पर वह फूट-फूटकर रो पड़ी और उसने अपने पिता को बताया कि उसके साथ क्या हुआ था.

इस घटना के एक दिन बाद, शैली ने अस्पताल से छुट्टी ले ली और तब से उसका कोई पता नहीं चल पाया है.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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