नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से धर्मेंद्र प्रधान की जगह सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाने की अपील की.
जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक और युवाओं के प्रदर्शन के समर्थन में पहुंचे केजरीवाल ने कहा, “युवाओं, आंदोलन और सोनम वांगचुक की बात सुनिए. अगर ऐसा नहीं किया तो तीन साल बाद केंद्र सरकार को 2014 जैसा नतीजा भुगतना पड़ेगा.”
उन्होंने कहा, “मैं एक सुझाव देता हूं कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और प्रधानमंत्री सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाएं. मेरी प्रधानमंत्री से अपील है कि धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर सोनम वांगचुक को केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाया जाए.”
केजरीवाल का यह बयान ऐसे समय आया है, जब जंतर-मंतर पर 2026 की नीट-यूजी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन जारी है.
इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को सोनम वांगचुक के अनशन के दौरान उनके स्वास्थ्य की रोजाना चिकित्सकीय निगरानी करने का निर्देश दिया. मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने कहा कि हर नागरिक का जीवन कीमती है और उसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए.
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि सरकारी डॉक्टरों की सलाह के अनुसार जरूरत पड़ने पर बिना देरी के चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए. यह आदेश वांगचुक के लंबे अनशन के दौरान बिगड़ती सेहत को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया.
केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकारी डॉक्टरों की टीम रोजाना सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है और जरूरत पड़ने पर दूसरी मेडिकल टीम भी तैनात की जा सकती है.
लद्दाख के इंजीनियर, शिक्षा सुधारक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक गुरुवार को जंतर-मंतर पर अपने अनिश्चितकालीन अनशन के 19वें दिन में पहुंच गए. उनका प्रदर्शन 2026 NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी है.
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