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Monday, 5 October, 2026
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अल-कायदा समर्थक पोर्टल ने फ्लाईदुबई घटना की तुलना 9/11 से की, ओमानी पायलट की तारीफ की

ये दावे 'अल-बयान' ने किए हैं. माना जाता है कि इसे इस साल की शुरुआत में अल-कायदा के समर्थकों ने शुरू किया था. ये दावे आतंकी संगठन के समर्थक टेलीग्राम चैनल पर अपलोड किए गए एक एडिटोरियल में किए गए.

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नई दिल्ली: अल-कायदा समर्थक एक मीडिया पोर्टल ने 9/11 और पिछले हफ्ते हुई फ्लाईदुबई की घटना के बीच तुलना की है और चेतावनी दी है कि “यहूदियों, अमेरिकियों और बाकी सभी काफिरों” को ले जाने वाले विमानों पर और संभावित हमले हो सकते हैं.

ये दावे अल-बयान ने किए हैं. माना जाता है कि इसे इस साल की शुरुआत में अल-कायदा समर्थकों ने शुरू किया था. ये दावे आतंकी संगठन के प्रति सहानुभूति रखने वाले एक टेलीग्राम चैनल पर अपलोड किए गए संपादकीय में किए गए.

“आज, इसी महीने (30) / सितंबर / 2026 ईस्वी में, इस्लाम के खिलाफ वैश्विक युद्ध के कारण (11) सितंबर / 2001 ईस्वी के एक चौथाई सदी बाद, वही दृश्य उसी तरह दोहराया गया है, लेकिन इस्लामी दुनिया के केंद्र में… एक यहूदी-एमिराती विमान को हाईजैक करने की कोशिश, जिसमें दर्जनों यहूदी सवार थे, जिससे लगभग ऐसी घटना हो गई होती जो क्षेत्र में दुश्मनों के शक्ति संतुलन को बदल सकती थी,” इसमें आगे कहा गया.

अल-बयान ने कहा कि “युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है”. उसने लिखा, “यहूदियों, अमेरिकियों और इस्लाम के खिलाफ लड़ने वाले बाकी सभी काफिरों को ले जाने वाले विमान अभी भी आसमान में उड़ रहे हैं और उन्हें निशाना बनाया जा सकता है, जैसा कि 11 और 30 सितंबर को हुआ. भले ही अपने धर्म के लिए जोशीला और भगवान के नाम को ऊंचा करने से प्रेरित कोई व्यक्ति कोई अभियान न चलाए, लेकिन अमेरिका और यहूदियों के आज पहले से कहीं ज्यादा दुश्मन हैं.”

“हो सकता है कि कोई ऐसा व्यक्ति जो भगवान या आखिरी दिन पर विश्वास नहीं करता हो, उन्हें निशाना बनाए और उसका अभियान आखिरकार इस्लाम और मुसलमानों के लिए फायदेमंद साबित हो, जैसा कि पैगंबर ने कहा था,” इसमें आगे कहा गया.

अल-कायदा ने 25 साल पहले 9/11 हमले की योजना बनाई थी. 11 सितंबर 2001 को इस संगठन के आतंकवादियों ने चार वाणिज्यिक विमानों को हाईजैक किया और उनमें से दो को न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की गगनचुंबी इमारतों से टकरा दिया, जिससे वे पूरी तरह मलबे में बदल गईं और 2,500 से ज्यादा लोग मारे गए. एक अन्य विमान को पेंटागन में उड़ाया गया, जबकि चौथी उड़ान के यात्रियों ने हाईजैक करने वालों पर काबू पाकर उनकी योजना को नाकाम कर दिया. वह विमान एक खुले मैदान में दुर्घटनाग्रस्त हुआ.

पिछले हफ्ते की फ्लाईदुबई घटना में दुबई-तेल अवीव जाने वाली एक उड़ान शामिल थी, जिसमें ज्यादातर इजरायली लोग सवार थे. उड़ान के दौरान, विमान के ओमानी सह-पायलट ने कथित तौर पर आतंकवादी हमला करने के इरादे से पायलट पर हमला किया.

हालांकि, जब हमाम अल-हमामी ने कॉकपिट की आपातकालीन कुल्हाड़ी से स्मित मच्छर पर हमला किया, तो उसने जवाबी मुकाबला किया और घायल होने के बावजूद कॉकपिट खोलने में कामयाब रहा. इससे यात्रियों को अल-हमामी पर काबू पाने और विमान को सुरक्षित उतारने का मौका मिला.

हमलावर की तारीफ

अल-बयान के संपादकीय ने अल-हमामी के इस काम की तारीफ की और कहा कि अमेरिकी शक्ति का अंत होने वाला है. इसमें आगे कहा गया कि अल-कायदा अल-अक्सा मस्जिद, जो इस्लाम की तीसरी सबसे पवित्र जगह है और यरुशलम, इजरायल में स्थित है, को “यहूदियों की गंदगी” से “साफ” करेगा.

संपादकीय में कहा गया कि 11 सितंबर 2001 और इस साल 30 सितंबर जैसी तारीखें “कैलेंडर पर दूसरे दिनों की तरह नहीं गुजरतीं”. इसमें आगे कहा गया, “वे राष्ट्रों की याद में टंगी रहती हैं.”

“समय खुद इन तारीखों पर एक पल के लिए रुक जाता है, फिर वापस आकर पूछता है: उस दिन के बाद से क्या बदला है?” इसमें कहा गया.

अल-बयान ने पिछले हफ्ते अमेरिका द्वारा इराक से अपनी सभी सेनाएं वापस बुलाने की बात भी उठाई. इससे जमीन पर अमेरिकी सैनिकों की संख्या 2003 में हुए आक्रमण के बाद पहली बार शून्य हो गई है. उसने कहा कि इससे वॉशिंगटन की “इस्लामी शक्ति को तोड़ने में असफलता” और साफ हो गई है.

“इसी समय, अमेरिका का रक्षा विभाग इराक से अपमानजनक वापसी की घोषणा करता है, और वह इस्लाम की शक्ति को तोड़ने का अपना लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया, भगवान का शुक्र है.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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