कोलकाता, 27 अक्टूबर (भाषा) नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने अभिनेता प्रभास की फिल्म ‘फौजी’ के टीजर पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।
उन्होंने फिल्म निर्माताओं से टीजर वापस लेने का आग्रह किया है।
बोस ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘इतिहास के साथ काल्पनिक तथ्यों को मिलाना अपराध है।’’
उन्होंने निर्देशक हनु राघवपुडी और फिल्म की निर्माण टीम से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया, ‘‘ऐतिहासिक घटनाओं और व्यक्तित्वों को गलत तरीके से पेश न किया जाए।’’
बोस ने लिखा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि हनु राघवपुडी और उनकी टीम इस टीजर को हटाकर नया टीजर जारी करेगी तथा यह सुनिश्चित करेगी कि इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश न किया जाए। उम्मीद है कि प्रभास भी इसे पढ़ेंगे।’’
यह विवाद 23 अक्टूबर को प्रभास के 47वें जन्मदिन के अवसर पर फिल्म के टीजर जारी किये जाने के बाद शुरू हुआ।
टीजर में 1942 के बर्लिन की पृष्ठभूमि में नेताजी सुभाष चंद्र बोस और जर्मनी के तानाशाह एडोल्फ हिटलर के बीच एक नाटकीय बातचीत दिखाई गई है।
इस दृश्य में नेताजी एक भारतीय सुपर जासूस का वर्णन करते दिखाई देते हैं, जिसने सिंगापुर में ब्रिटिश सेना को कमजोर करने में कथित तौर पर मदद की थी।
इसमें भगवद्गीता से प्रेरित एक गुप्त कोड का भी उल्लेख किया गया है।
भाषा जितेंद्र शोभना
शोभना
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