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Friday, 15 May, 2026
होमदेशNEET पेपर लीक में ‘इनसाइडर’: CBI का खुलासा—पुणे काउंसलर को NTA में मौजूद ‘स्रोत’ से मिला प्रश्न पत्र

NEET पेपर लीक में ‘इनसाइडर’: CBI का खुलासा—पुणे काउंसलर को NTA में मौजूद ‘स्रोत’ से मिला प्रश्न पत्र

CBI का कहना है कि धनंजय लोखंडे को लीक हुआ प्रश्न पत्र 28 अप्रैल को मिला था—उस दिन से ठीक एक दिन पहले, जब उन्होंने वह प्रश्न पत्र नासिक निवासी शुभम खैरनार को सौंपा था.

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नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के अनुसार, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के अंदर से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) 2026 का प्रश्न पत्र कथित रूप से लीक हुआ था.

केंद्रीय एजेंसी ने पाया कि पुणे के धनंजय लोखंडे को परीक्षा कराने वाली संस्था के अंदर मौजूद अपने “स्रोत” से लीक हुआ प्रश्न पत्र मिला था.

महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के रहने वाले लोखंडे पिछले कुछ वर्षों से पुणे में रह रहे हैं. पुणे में करियर काउंसलिंग फर्म चलाने वाले लोखंडे को उनकी एजेंट मनीषा वाघमारे के साथ CBI ने गिरफ्तार किया. मंगलवार को जांच शुरू करने के बाद एजेंसी ने कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया.

CBI की जांच के अनुसार, लोखंडे को 28 अप्रैल को लीक हुआ प्रश्न पत्र मिला था. इसके एक दिन बाद उन्होंने यह प्रश्न पत्र नासिक निवासी शुभम खैरनार को दिया. शुभम को NEET UG 2026 प्रश्न पत्र लीक और फैलाने का मुख्य व्यक्ति माना गया है.

“आगे यह भी बताया गया है कि आरोपी शुभम खैरनार ने लीक हुआ NEET UG 2026 प्रश्न पत्र गुरुग्राम के यश यादव तक पहुंचाने में मदद की. शुभम को यह पेपर 28.04.2026 को पुणे के एक अन्य व्यक्ति से मिला था, जिसे यह उसके कथित NTA स्रोत से मिला था,” CBI ने गुरुवार को दिल्ली की विशेष CBI अदालत में कहा.

NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने दिप्रिंट से कहा कि उन्हें इस मामले में CBI की जांच के निष्कर्षों की जानकारी नहीं है.

सिंह ने कहा, “हम निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए CBI के साथ काम कर रहे हैं और जो भी इस स्थिति के लिए जिम्मेदार है, जिसके कारण परीक्षा रद्द करनी पड़ी, उसे सबसे कड़ी सजा दिलाएंगे. NTA ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है और अपनी सभी आंतरिक प्रणालियों और प्रक्रियाओं की समीक्षा की है.”

2018 में “गुणात्मक बदलाव” लाने के उद्देश्य से एक स्वायत्त और आत्मनिर्भर परीक्षा संस्था के रूप में बनाई गई NTA की कार्यप्रणाली और सीमाएं कई बार सवालों के घेरे में रही हैं. खासकर NEET जैसी परीक्षाओं में हुई कई गड़बड़ियों के कारण.

इस साल प्रश्न पत्र लीक और NEET UG 2024 परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के बाद NTA को खत्म करने की मांग और अदालतों में याचिकाएं भी दायर हुई हैं. 2024 में CBI ने NTA अधिकारियों और पदाधिकारियों को क्लीन चिट दी थी, लेकिन इस साल की जांच में अलग निष्कर्ष सामने आए हैं.

राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के सूत्रों ने भी संकेत दिया था कि प्रश्न पत्र लीक होने की “मजबूत संभावना” है और इसमें “संस्था के अंदर का कोई व्यक्ति” शामिल हो सकता है.

राजस्थान पुलिस के एक अधिकारी ने दिप्रिंट से कहा था, “गेस पेपर की सटीकता, जिसमें प्रश्नों की जगह और उत्तर विकल्प भी शामिल थे, इतनी सही थी कि सिस्टम के बाहर का कोई व्यक्ति इसे समझ नहीं सकता था.”

गुरुवार को CBI ने जांच के पहले चरण में गिरफ्तार पांच आरोपियों की हिरासत हासिल की. एजेंसी ने कथित रूप से पाया कि खैरनार ने प्रश्न पत्र गुरुग्राम के करियर काउंसलर यश यादव को टेलीग्राम के जरिए भेजा था. यह योजना मंगीलाल बिवाल तक प्रश्न पत्र पहुंचाने के लिए बनाई गई थी, जिसने पिछले महीने अपने छोटे बेटे के लिए प्रश्न पत्र मांगने के लिए खैरनार से संपर्क किया था.

“अप्रैल में खैरनार ने यश यादव को बताया कि मंगीलाल ने अपने छोटे बेटे के लिए लीक हुए प्रश्न पत्र की व्यवस्था करने हेतु उससे संपर्क किया था. इसके लिए 12 लाख रुपये तय हुए थे. शुभम ने कथित रूप से 29 अप्रैल को लीक हुए प्रश्न पत्र देने की पेशकश की,” CBI के वकील ने गुरुवार को अदालत को बताया.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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