मुंबई, 14 अक्टूबर (भाषा) अभिनेत्री मृणाल ठाकुर ने कहा कि फिल्म ‘पूजा मेरी जान’ की कहानी की एक लाइन सुनकर ही उन्होंने इसमें काम करने के लिए ऑडिशन देने की पेशकश की थी।
फिल्म में इस धारणा को चुनौती दी गई है कि किसी महिला के ‘ना’ कहने का मतलब ‘ना’ ही होता है, न कि उस पर और अधिक दबाव डालने की कोशिश करना।
‘सीता रामम’, ‘हाय नन्ना’, ‘सुपर 30’, ‘बाटला हाउस’ और ‘डकैत’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकीं मृणाल ठाकुर ने कहा कि इस तरह के अलग-अलग किरदार मिलना बेहद दुर्लभ है।
उन्होंने बताया कि फिल्म ‘पूजा मेरी जान’ में उन्हें खुद काम मांगना पड़ा था। मृणाल ने फिल्म के निर्माताओं से ऑडिशन देने की गुजारिश की और कहा, “सर, आपको इस किरदार के लिए मुझे ही चुनना होगा। मुझे ही पूजा का रोल निभाना है।”
मृणाल ठाकुर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में बताया कि उन्हें अपनी एजेंट के जरिए फिल्म ‘पूजा मेरी जान’ के बारे में पता चला था। उनकी एजेंट ने बताया कि फिल्म की कहानी दो लड़कियों की है, जो इस मामले में लड़ाई लड़ती हैं कि महिला की ‘ना’ का मतलब ‘ना’ ही होता है, न कि उसे मनाने के लिए और कोशिश करना। यह सुनते ही मृणाल ने फिल्म का हिस्सा बनने की इच्छा जताई और निर्माता दिनेश विजान (डिनो) से मिलने की गुजारिश की।
मृणाल ने कहा कि अपने करियर में यह दूसरी बार था, जब उन्होंने खुद किसी फिल्म निर्माता से संपर्क किया। उन्होंने खुशी जताई कि दिनेश विजान ने उन पर भरोसा किया और माना कि वह इस किरदार को बखूबी निभा सकती हैं।
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