लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था सुधारने और राजस्व वसूली बढ़ाने के लिए योगी सरकार ने निगरानी सख्त करने के निर्देश दिए हैं. यूपी पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष और प्रमुख सचिव ऊर्जा रणवीर प्रसाद ने वितरण निगमों के अधिकारियों को सही बिलिंग, लाइन हानि कम करने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय पर निपटारा करने को कहा है.
निर्देश के मुताबिक, सभी बिजली वितरण निगमों के प्रबंध निदेशक हर सप्ताह 7 से 10 उपभोक्ताओं के बिजली बिलों की अचानक जांच करेंगे. गलत बिल मिलने पर उसे तुरंत ठीक करना होगा और लापरवाही के लिए संबंधित कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी.
अधिकारियों को सबसे ज्यादा लाइन हानि वाले 10 फीडरों में सुधार करने और पांच रुपये से कम थ्रू रेट वाले फीडरों की विशेष समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं. सहारनपुर में 1.71 रुपये के थ्रू रेट पर असंतोष जताते हुए सुधार करने को कहा गया है.
बकाया वसूली के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के बकायेदारों को लेकर ग्राम प्रधानों को पत्र भेजने और बड़े बकायेदारों को नोटिस देने के निर्देश भी दिए गए हैं. इसके अलावा बिजली के ट्रांसफॉर्मरों को खराब होने से बचाने और स्मार्ट मीटर लगाने सहित विभिन्न योजनाओं के काम समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया है.