भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आदिवासी युवाओं पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह को निलंबित कर दिया गया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर पुलिस कमिश्नर ने यह कार्रवाई की. मामले में विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार आदिवासी समाज के गौरव, स्वाभिमान और विकास के लिए प्रतिबद्ध है.
उन्होंने कहा कि भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र में हुई घटना की जानकारी मुख्यमंत्री को मिलते ही उन्होंने गंभीरता से इसका संज्ञान लिया और जरूरी निर्देश दिए. पटेल के मुताबिक, पहली नजर में इंस्पेक्टर रतन सिंह दोषी पाए गए हैं. उन्हें निलंबित कर जांच के आदेश दिए गए हैं.
पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में आदिवासी रहते हैं. ‘जय जोहार’ सम्मान जताने वाला शब्द है और यह आदिवासी समाज के गौरव व स्वाभिमान का प्रतीक है. सभी को इसका सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव भी ‘जय जोहार’ का अभिवादन करते रहे हैं.