भोपाल, 27 अक्टूबर (भाषा) मध्यप्रदेश के भोपाल की एक विशेष अदालत ने पांच नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के मामले में एक अखबार के पूर्व मालिक 78 वर्षीय प्यारे मियां को मंगलवार को 10 अलग-अलग उम्रकैद की सजाएं सुनाईं और उस पर 77.64 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। अभियोजन पक्ष के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अदालत ने इस मामले में उसकी सहयोगी राबिया बी को भी 20 साल कैद की सजा सुनाई।
पॉक्सो अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत प्यारे मियां को सुनाई गई सजाओं में आठ सजाएं उसके शेष जीवन तक कारावास की हैं, जबकि दो अन्य उम्रकैद की सजाएं हैं। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मियां वर्ष 2014 से लड़कियों को निशाना बना रहा था।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, दोषी लड़कियों को 10,000 रुपये मासिक वेतन पर नौकरी देने का लालच देता था और फिर उनका यौन उत्पीड़न करता तथा उनसे दुष्कर्म करता था।
अधिकारी ने बताया कि राबिया बी प्यारे मियां की आपराधिक गतिविधियों में मददगार की भूमिका निभाती थी।
यह मामला 11 जुलाई 2020 को सामने आया, जब परामर्श सत्र के दौरान एक पीड़िता ने बताया कि उसे भोपाल के शाहपुरा इलाके में एक फ्लैट पर एक लड़की का जन्मदिन मनाने के बहाने बुलाया गया था।
अधिकारी ने मामले के विवरण का हवाला देते हुए बताया कि फ्लैट में उसे जबरन शराब पिलाई गई और मियां ने उसका यौन उत्पीड़न किया।
उन्होंने बताया कि कई अन्य नाबालिग लड़कियों ने भी इसी तरह के शोषण की घटनाओं का खुलासा किया।
विशेष लोक अभियोजक पी. एन. सिंह राजपूत के अनुसार, पुलिस ने मामले की जांच की और अखबार के पूर्व मालिक को गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसके साथ राबिया बी और अन्य सहयोगियों के खिलाफ भी मुकदमा चलाया गया।
राजपूत ने बताया कि आरोप साबित होने के बाद अदालत ने मियां को 10 अलग-अलग उम्रकैद की सजाएं सुनाईं।
भाषा जितेंद्र शोभना
शोभना
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