नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी. विपक्ष ने NEET पेपर लीक, राम मंदिर दान चोरी मामले और जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन समेत कई मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर दोनों सदनों में विरोध प्रदर्शन किया.
लोकसभा में श्रद्धांजलि प्रस्ताव के तुरंत बाद विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी. उन्होंने NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दान विवाद पर चर्चा की मांग की.
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने जंतर-मंतर पर कथित NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर सरकार द्वारा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया.
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही यह मुद्दा उठाते हुए खड़गे ने कहा, “यह लाखों छात्रों के भविष्य का मामला है.” उन्होंने कहा, “आज हजारों छात्र जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए हैं, लेकिन उन पर लाठीचार्ज किया गया है. सरकार छात्रों पर हमला कर रही है. सरकार छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है.”
विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी जारी रहने पर राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी.
लोकसभा में भी विपक्षी सांसदों के विरोध के बीच स्पीकर ओम बिरला ने कहा, “कृपया अपनी सीट पर बैठिए. सदन चलाने में सहयोग कीजिए.” लेकिन विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी जारी रखी और प्रश्नकाल के दौरान सदन के बीचोंबीच आकर हंगामा किया. इसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी.
मानसून सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए विपक्ष से संसद की कार्यवाही में “पूरे मन से” हिस्सा लेने की अपील की थी.
उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि जहां तथ्य होते हैं, वहां हंगामे की जरूरत नहीं होती. अगर आपके तर्क और तथ्य मजबूत हैं, तो आवाज ऊंची करने की जरूरत नहीं होती. मुझे उम्मीद है कि संसद में चर्चा तर्क और तथ्यों के आधार पर होगी. हर आवाज को सुने जाने का मौका मिलना चाहिए. यही संसद की भूमिका है. मैं सभी सांसदों से कार्यवाही में हिस्सा लेने की अपील करता हूं.”
इस बीच, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार को संसद मार्च का आह्वान किया है. उनकी मांग है कि NEET परीक्षा विवाद से निपटने के तरीके को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें.
प्रस्तावित मार्च को देखते हुए संसद के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
शनिवार को जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन तबीयत बिगड़ने के बाद वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
वांगचुक 28 जून से NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं.
छात्र संगठन प्रतियोगी परीक्षाओं में ज्यादा जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि बार-बार पेपर लीक और दूसरी गड़बड़ियों ने भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाया है.
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