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Monday, 20 July, 2026
होमदेशसरकार जवाबदेही ले, मैं खाना खा लूंगा—भूख हड़ताल खत्म करने के लिए सोनम वांगचुक की 3 शर्तें

सरकार जवाबदेही ले, मैं खाना खा लूंगा—भूख हड़ताल खत्म करने के लिए सोनम वांगचुक की 3 शर्तें

जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के साथ भूख हड़ताल पर बैठे तीन छात्र—नेहा, मनीष और अमीन ने सोमवार को 23 दिन बाद अपना अनशन खत्म कर दिया.

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नई दिल्ली: जलवायु और शिक्षा कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत पर अभी भी सफदरजंग अस्पताल की मेडिकल टीम नज़र रख रही है. इस बीच पद्मश्री सम्मानित वांगचुक ने कहा है कि अगर सरकार शिक्षा व्यवस्था की हाल की नाकामियों, खासकर पेपर लीक मामलों की जिम्मेदारी लेती है, तो वह अपना अनशन खत्म कर देंगे.

सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च शुरू किया, जबकि वहां धारा 163 (पहले धारा 144) जैसे प्रतिबंध लागू थे. दिल्ली पुलिस ने कहा कि इस मार्च के लिए न तो अनुमति मांगी गई थी और न ही दी गई थी. यह मार्च उस घटना के दो दिन बाद निकाला गया, जब वांगचुक को जंतर-मंतर के प्रदर्शन स्थल से जबरदस्ती हटाकर सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था.

वांगचुक के साथ प्रदर्शन और भूख हड़ताल में शामिल तीन अन्य छात्र—नेहा, मनीष और अमीन ने सोमवार को 23 दिन बाद अपना अनशन खत्म कर दिया. ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने बयान जारी कर कहा, “छात्र नेताओं ने बहादुरी से लड़ाई लड़ी. सभी का शरीर का वजन 12 प्रतिशत से ज्यादा कम हो गया. उनका ब्लड शुगर बहुत खतरनाक स्तर तक गिर गया और उनके शरीर के अंगों पर भी गंभीर असर पड़ा.”

वांगचुक ने रविवार को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने दावा किया कि उन्हें अस्पताल में “गैरकानूनी तरीके से रोका गया है”. पत्र में उन्होंने लिखा, “आप में से कई लोगों ने पूछा कि मैं अपना अनशन कब खत्म करूंगा. जैसा मैंने पहले अपने समर्थकों से कहा था, मैं 20 जुलाई को अपना अनशन खत्म कर दूंगा, अगर…”

इसके बाद उन्होंने भूख हड़ताल खत्म करने के लिए अपनी शर्तें रखीं. पहली शर्त यह थी कि सरकार शिक्षा व्यवस्था की हाल की नाकामियों की जिम्मेदारी ले. उन्होंने लिखा, “अगर मैं और CJP के नेता संसद तक पहुंच जाएं और वहां अलग-अलग राजनीतिक दलों के सम्मानित सांसद और नेता हमें भरोसा दें कि वे अब इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे…”

उन्होंने आगे कहा, “अगर मेरी तबीयत या किसी और वजह से ऐसा संभव नहीं हो पाता, तो अलग-अलग दलों के सम्मानित सांसद और नेता इस अस्पताल में आकर हमें यही भरोसा दें.”

सोमवार सुबह 10 बजे जारी हेल्थ बुलेटिन में सफदरजंग अस्पताल ने कहा कि वांगचुक का इलाज वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (VMMC) और सफदरजंग अस्पताल में जारी है. अस्पताल ने कहा, “उनके जरूरी स्वास्थ्य संकेत (वाइटल पैरामीटर) फिलहाल स्थिर हैं. हालांकि, ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट पर लगातार नजर रखने की जरूरत है. विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है और इलाज जारी है.”

अस्पताल ने कहा कि VMMC, सफदरजंग अस्पताल और एम्स (AIIMS) के डॉक्टरों की जांच के आधार पर अभी लगातार इलाज और मेडिकल निगरानी जरूरी है, ताकि किसी भी संभावित जटिलता का समय रहते पता लगाया जा सके और उसका इलाज किया जा सके. अस्पताल ने कहा, “उन्हें जरूरत का पूरा इलाज दिया जा रहा है और विशेषज्ञों की टीम उनकी हालत पर लगातार नजर रख रही है.”

रविवार को दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाने के केंद्र सरकार के फैसले को सही ठहराने के कुछ घंटों बाद उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने मीडिया से कहा कि संसद तक मार्च ज़रूर होगा. सफदरजंग अस्पताल के इमरजेंसी गेट के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंगमो ने कहा कि उनके पति बार-बार यह कहते रहे हैं कि वह इस आंदोलन की वजह नहीं हैं, बल्कि सिर्फ “युवाओं की आवाज” हैं.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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