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Monday, 24 August, 2026
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मेघालय सरकार ने KSU को बातचीत के लिए बुलाया, CM बोले—कानून-व्यवस्था के मामले में कोई समझौता नहीं

19 अगस्त की हिंसा के बाद सरकार ने KSU की पांच मांगों पर बातचीत का दिया न्योता, संगमा बोले- कानूनी प्रक्रिया अपने हिसाब से चलेगी.

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शिलॉन्ग: मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार ने खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) को उसकी पांच मांगों पर सीधे बातचीत के लिए आधिकारिक तौर पर न्योता दिया है. सरकार को उम्मीद है कि छात्र संगठन सोमवार शाम या मंगलवार तक इस पर जवाब देगा.

यह घोषणा 19 अगस्त को बाइक रैली के दौरान हुई हिंसक घटनाओं के बाद की गई है. हिंसा के कारण कई इलाकों में स्थिति प्रभावित हुई थी. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बातचीत के जरिए गलतफहमियां दूर करना और अपनी कार्रवाई को स्पष्ट करना चाहती है, लेकिन कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार का रुख सख्त रहेगा.

सरकार KSU की सभी पांच मांगों पर चर्चा करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि इनमें से ज्यादातर मांगों पर पहले ही कार्रवाई शुरू की जा चुकी है. संगमा ने हाल की स्थिति में तनाव के लिए दोनों पक्षों के बीच बातचीत की कमी को जिम्मेदार बताया.

केएसयू नेताओं की गिरफ्तारी और मेघालय मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर (एमएमपीओ) तथा मेघालय प्रिवेंटिव डिटेंशन एक्ट (एमपीडीए) लगाने जाने से जुड़ी मांगों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि “कानून अपना काम करेगा.” उन्होंने साफ किया कि बाहरी दबाव में कानूनी प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा.

पुलिस ने 19 अगस्त की हिंसा में शामिल पांच नकाबपोश प्रदर्शनकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की है. बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए जांच जारी है.

सरकार ने सार्वजनिक रैलियों और जुलूसों के लिए परमिट देने के नियम और शर्तों को काफी सख्त करने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि तय रूट पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए गए थे, लेकिन कई अलग-अलग जगहों पर घटनाएं होने के कारण निगरानी करना मुश्किल हो गया.

संगमा ने हिंसा के पीछे खुफिया जानकारी की कमी होने के दावे को भी खारिज किया. उन्होंने कहा कि प्रशासन को शांतिपूर्ण प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन हिंसा का स्तर और उपद्रवियों का बिना उकसावे वाला व्यवहार कानून-व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियों के लिए अचानक सामने आया.

इससे पहले असम के मंत्री अतुल बोरा ने बताया कि राज्य सरकार और प्रदर्शन कर रहे विभिन्न संगठनों के बीच सफल बातचीत के बाद असम और मेघालय के बीच और मेघालय के अंदर सामान्य वाहन आवाजाही बहाल कर दी गई है.

बोरा ने एक्स पर बताया कि मेघालय के उपमुख्यमंत्री एस. धर ने उन्हें इस बारे में जानकारी दी है.


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