नई दिल्ली: पंजाब पुलिस ने आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के कथित ऑपरेटिव हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया की मां को गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी पिछले हफ्ते अमृतसर में एक निजी घर पर हुए ग्रेनेड हमले की जांच के तहत की गई है.
पासिया को फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने अप्रैल 2025 में गिरफ्तार किया था. तब से वह अमेरिका की जेल में है. उस पर पंजाब में सुरक्षा प्रतिष्ठानों और प्रभावशाली लोगों पर एक दर्जन से ज्यादा ग्रेनेड हमलों में शामिल होने का आरोप है.
उसकी मां की रविवार देर रात गिरफ्तारी तब हुई, जब गुरुवार रात रामदास पुलिस थाने के इलाके में दलजीत सिंह के घर पर दो ग्रेनेड फेंके गए थे.
जांच से जुड़े पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया, “पासिया की मां भूपिंदर कौर को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस मामले में उसकी और पासिया की बहन दोनों को आरोपी बनाया गया है. ग्रेनेड फेंकने वाले आरोपियों को पकड़ने की कोशिश जारी है.”
पुलिस ने बताया कि पासिया की बहन किरणदीप कौर फिलहाल फरार है.
उक्त पुलिस अधिकारी ने कहा, “दलजीत और दो अन्य लोग पासिया के इलाके में उसके घर के पास रहने वाले गुरप्रीत सोना के घर गए थे. वहां दलजीत का पासिया की मां और बहन के साथ गाली-गलौज और झगड़ा हुआ.”
उन्होंने आगे कहा, “चुनाव लड़ने को लेकर उनके बीच पुरानी दुश्मनी भी है. झगड़े और ग्रेनेड फेंके जाने की घटना की आगे जांच की जा रही है.”
अधिकारी ने कहा कि इसके बाद किरणदीप कौर ने अमेरिका में पासिया को इसकी जानकारी दी.
अधिकारी ने कहा कि ग्रेनेड हमले के मामले में दो संदिग्धों की भी पहचान की गई है. इस हमले में परिवार के दो सदस्य घायल हुए थे. पुलिस ने बताया कि मां-बेटी को इससे पहले नवंबर 2024 में अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उन पर उसी महीने अमृतसर के अजनाला पुलिस चौकी पर ग्रेनेड फेंकने वाले आरोपियों को छिपाने का आरोप था.
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पिछले नवंबर में दोनों को जमानत पर रिहा कर दिया था.
कौन है हैप्पी पासिया
हरप्रीत सिंह का जन्म जून 1996 में गुरविंदर पाल सिंह के घर हुआ था. हैप्पी ने स्कूल की पढ़ाई छोड़ दी थी और अमृतसर के एक कॉन्वेंट स्कूल में केवल 8वीं कक्षा तक पढ़ाई की थी. उसके पिता मुख्य रूप से किसान थे और परिवार की कमाई का एकमात्र जरिया थे. उनकी 2012 में मौत हो गई थी.
अमृतसर ग्रामीण जिले के पाशिया गांव का रहने वाला पासिया पंजाब में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नज़र में तब आया, जब उस पर राज्य में पुलिस ठिकानों पर कम से कम 14 हमलों में शामिल होने का आरोप लगा. पंजाब पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) दोनों ने उसे पंजाब में हुए ग्रेनेड हमलों और सितंबर 2024 में चंडीगढ़ में एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी पर हुए हमले की साजिश में सीधे तौर पर शामिल बताया है.
पंजाब पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, पासिया पहली बार 2018 में भारत छोड़कर दुबई गया था. वह करीब एक साल वहां रहा और 2019 में भारत वापस आया. भारतीय जांचकर्ताओं का दावा है कि उसने 2020 में हमेशा के लिए भारत छोड़ दिया और ब्रिटेन चला गया. इसके बाद करीब 2021 में वह अवैध तरीके से अमेरिका पहुंचा.
समय के साथ उसका संपर्क नामित आतंकवादी और BKI के वास्तविक प्रमुख हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा से हुआ. उस पर आरोप है कि उसने पंजाब में टारगेट किलिंग और पुलिस ठिकानों पर हमले करने के लिए सीमा पार चल रहे आतंकी मॉड्यूल के साथ गठजोड़ किया.
पासिया के खिलाफ मामलों की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने दिप्रिंट को बताया था, “पासिया ने BKI और पाकिस्तान की ISI के निर्देश पर विदेशों से चल रहे दूसरे आतंकी संगठनों के पुराने आतंकी मॉड्यूल में नए ऑपरेटिव शामिल किए.”
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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