नयी दिल्ली, 23 मई (भाषा) दिल्ली में पक्षाघात से पीड़ित अपने रिश्तेदार के बैंक खातों से 1.48 लाख रुपये निकालने के आरोप में 26 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी शुभम जैन जनवरी से बुराड़ी में शिकायतकर्ता के परिवार के साथ रह रहा था और मस्तिष्काघात के बाद पक्षाघात से पीड़ित अपने रिश्तेदार की देखभाल कर रहा था।
पुलिस ने बताया कि शुभम ने रिश्तेदार की देखभाल के दौरान परिवार की बैंकिंग संबंधी जानकारी हासिल कर ली थी।
उन्होंने बताया कि मामला उस समय सामने आया जब रोहन अग्रवाल ने अपने बैंक खातों से अनधिकृत लेनदेन के संबंध में 13 मई को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई।
बुराड़ी में ट्यूशन सेंटर चलाने वाले अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि सेंटर से होने वाली आय उनकी मां के बैंक खाते में जमा होती थी। वित्तीय रिकॉर्ड की जांच करने पर परिवार को पता चला कि उनकी जानकारी के बिना खाते से कथित तौर पर 1,48,626 रुपये अंतरित किए गए थे।
इसके बाद उत्तरी जिले के साइबर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता के मोबाइल फोन की जांच की, लेकिन उसमें कोई संदिग्ध ऐप या ‘मैलवेयर’ नहीं मिला। हालांकि, जांचकर्ताओं ने पाया कि 1.46 लाख रुपये आत्मजीत सिंह के बैंक खाते में भेजे गए थे, जिन्हें बाद में शुभम जैन के खाते में अंतरित कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों लगातार संपर्क में थे।
मैलवेयर ऐसा हानिकारक सॉफ्टवेयर होता है, जो कंप्यूटर, मोबाइल या नेटवर्क को नुकसान पहुंचाने या डेटा चुराने के लिए बनाया जाता है।
पुलिस ने बताया कि शुभम को 20 मई को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में शुभम ने बताया कि वह बेरोजगार था, लेकिन उसने एक प्रतिष्ठित कंपनी में काम करने और अक्सर विदेश यात्रा करने की झूठी छवि बना रखी थी।
पुलिस ने बताया कि शुभम ने कथित तौर पर अपने दोस्त से कहा था कि यह पैसा उसका है और वह इसे सीधे अपने खाते में नहीं मंगा सकता।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने इन पैसों का इस्तेमाल यात्रा और निजी खर्चों के लिए किया। मामले की जांच जारी है।
भाषा प्रचेता प्रशांत
प्रशांत
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.