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Tuesday, 29 September, 2026
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LPU जांच: 100+ घंटे की CCTV फुटेज खंगाली, ‘रेप’ पीड़िता या आरोपी का अब तक कोई सुराग नहीं

पंजाब पुलिस ने LPU कैंपस के उस हिस्से और उसके आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज देखने के लिए कम से कम आधा दर्जन टीमें लगाई हैं, जहां कथित तौर पर यह घटना हुई थी.

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फगवाड़ा/नई दिल्ली: 100 घंटे से ज्यादा की सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई और सैकड़ों छात्रों के बयान दर्ज किए गए, लेकिन पंजाब पुलिस को अभी तक उस छात्रा की पहचान या उसके ठिकाने के बारे में कोई सुराग नहीं मिला है, जिसके बारे में दावा किया गया है कि उसके साथ लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) कैंपस में रेप हुआ था. दिप्रिंट को यह जानकारी मिली है.

रेप के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद से पुलिस ने कम से कम आधा दर्जन टीमें लगाई हैं. ये टीमें कैंपस के उस हिस्से और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देख रही हैं, जहां कथित तौर पर यह घटना हुई थी.

रेप का आरोप एफआईआर में तब जोड़ा गया, जब छात्रों ने कैंपस के अंदर और बाहर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे-44 को भी जाम कर दिया था. इसके बाद प्रदर्शन हिंसक हो गया. इसके बाद पंजाब पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए बल का इस्तेमाल किया.

27 सितंबर 2026 को फगवाड़ा में LPU के छात्र बसों पर चढ़कर NH-44 को जाम करते हुए | एएनआई
27 सितंबर 2026 को फगवाड़ा में LPU के छात्र बसों पर चढ़कर NH-44 को जाम करते हुए | एएनआई

डीआईजी (जालंधर रेंज) नवीन सिंगला ने दिप्रिंट को बताया कि पुलिस ने कथित रेप की तारीख से पहले के तीन दिनों की सीसीटीवी फुटेज खंगाली है, लेकिन अभी तक कोई ऐसा सबूत नहीं मिला है जो किसी को इस मामले से जोड़ता हो.

सिंगला ने कहा, “हर मंजिल पर एक सीसीटीवी कैमरा है और हमने Girls Hostel No. 3 के हर कैमरे की फुटेज देखी है. हमें किसी भी पुरुष के परिसर में प्रवेश करने का कोई ऐसा सबूत नहीं मिला है, जो इस मामले से जुड़ा हो.”

छात्रों के बीच एक अफवाह से यह मामला शुरू हुआ था. कहा जा रहा था कि कुछ दिन पहले Girls Hostel No. 3 के अंदर रेप हुआ था. यह अफवाह शनिवार देर रात और रविवार तड़के बड़े प्रदर्शन में बदल गई. रविवार शाम प्रदर्शन हिंसक हो गया. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी और पुलिस ने इसके जवाब में कार्रवाई की.

दिप्रिंट ने पहले रिपोर्ट की थी कि रेप के आरोपों की जांच कर रहे अधिकारियों को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और जांच शुरू होने से पहले ही वह किस तरह रुकावट में फंस गई थी.

पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर दिप्रिंट को बताया, “हमारे सामने एक ऐसी स्थिति है, जिसमें कथित घटना की कोई पीड़िता नहीं है और न ही कोई संदिग्ध है. हमारे पास जो है, वह छात्रों के बीच यह मजबूत विश्वास है कि यह घटना हुई थी.”

अधिकारी ने आगे कहा कि पुलिस की ओर से दर्ज की गई एफआईआर “शायद अपने तरह की पहली एफआईआर हो सकती है, जिसमें रेप की घटना की जानकारी दी गई, लेकिन ऐसी भाषा में कि किसी ने किसी के साथ रेप किया, जबकि किसी भी यौन हमले के मामले में ऐसा नहीं होता.”

एक दूसरे पुलिस अधिकारी ने कहा कि ऐसे सभी तरीकों से सुराग तलाशे जा रहे हैं, जिनसे कोई जानकारी मिल सकती है. इसमें छात्रों और हॉस्टल कर्मचारियों के बयान लेना और सीसीटीवी फुटेज की जांच करना शामिल है. अधिकारी ने कहा कि यह काम तेजी से किया जा रहा है.

LPU की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, उसके कैंपस में 7,400 से ज्यादा CCTV कैमरों से निगरानी की जाती है. यह संख्या नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (आईजीआई) एयरपोर्ट में लगे सीसीटीवी कैमरों से भी ज्यादा है.

दूसरे पुलिस अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया, “सभी कैमरों की फुटेज खंगालना संभव नहीं है, वह भी इतने कम समय में. लेकिन आसपास के सभी कैमरों और हॉस्टल तक जाने वाले रास्तों पर लगे कैमरों की भी जांच की गई है.”

28 सितंबर 2026 को प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद LPU कैंपस के बाहर तैनात पुलिसकर्मी | एएनआई
28 सितंबर 2026 को प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद LPU कैंपस के बाहर तैनात पुलिसकर्मी | एएनआई

रेप के आरोपों की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) में जालंधर ग्रामीण एसपी (डिटेक्टिव) विनीत अहलावत, फगवाड़ा एसपी मेजर सिंह, सीआईए स्टाफ इंचार्ज बलविंदर सिंह और इंस्पेक्टर अमनप्रीत कौर शामिल हैं.

मामले की जानकारी रखने वाले एक और पुलिस अधिकारी ने कहा, “SIT के सदस्यों ने छात्रों, वार्डन और यूनिवर्सिटी के अधिकारियों के बयान दर्ज किए हैं और मामले के तथ्यों को सामने लाने की प्रक्रिया चल रही है.”

LPU कैंपस की स्थिति का जायजा लेने के बाद पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने सोमवार को छात्रों को सभी आरोपों की पूरी जांच का भरोसा दिया. उन्होंने छात्रों की शिकायतों को दूर करने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन के साथ मिलकर काम करने की भी बात कही.

DGP यादव ने कहा था, “…घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है, एक हाई-लेवल एसआईटी बनाई गई है और बहुत विस्तार से जांच की जाएगी. छात्रों की कुछ मांगों और मुद्दों को लेकर पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों और यूनिवर्सिटी प्रशासन के बीच पुल का काम किया. इनमें यह मांग भी शामिल थी कि गर्ल्स हॉस्टल में केवल महिला स्टाफ होना चाहिए.”

प्रदर्शन के हिंसक होने का जिक्र करते हुए उन्होंने आगे कहा, “कल रात एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई. कुछ लोगों ने उकसावे के बाद माहौल खराब करने की कोशिश की और पुलिस की गाड़ी पर पत्थर फेंके…हिंसा में शामिल सभी लोगों का सीसीटीवी फुटेज के जरिए वैज्ञानिक और तकनीकी तरीके से विश्लेषण किया जा रहा है. कानून अपने हाथ में लेने वाले सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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