नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. विपक्षी सांसद लगातार NEET विवाद और राम मंदिर दान चोरी मामले पर चर्चा की मांग करते हुए नारेबाजी कर रहे थे.
कार्यवाही की शुरुआत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पूर्व सांसदों नदेंदला भास्कर राव, ओमवती देवी, सुधांग्शु सील, मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी AVSM (सेवानिवृत्त), केपी धनपालन, प्यारे लाल सांखवार और कतर के पूर्व अमीर हिज हाइनेस शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी को श्रद्धांजलि देकर की.
श्रद्धांजलि के बाद विपक्षी सांसदों ने NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान की कथित हेराफेरी पर चर्चा की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी.
हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कई बार सांसदों से सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की.
ओम बिरला ने कहा, “कृपया अपनी सीट पर बैठिए. सदन चलाने में सहयोग कीजिए.”
लेकिन नारेबाजी जारी रही, जिसके बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि वे NEET-UG 2026 विवाद और राम मंदिर दान गबन मामले पर चर्चा की मांग करेंगे.
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि सरकार मानसून सत्र में अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए “तैयार नहीं” है.
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ANI से बात करते हुए गोगोई ने कहा, “कई दिनों से साफ दिख रहा है कि सरकार किसी भी बुनियादी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है. आज तक यह नहीं बताया गया कि संसद में राम मंदिर का मुद्दा उठेगा या NEET का मुद्दा. पूरा देश जानता है कि मानसून सत्र के ये सबसे अहम मुद्दे हैं, लेकिन सरकार के पास कोई एजेंडा या काम नहीं है.”
इससे पहले सोमवार को कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान की कथित हेराफेरी पर चर्चा की मांग की. वहीं, कई अन्य विपक्षी नेताओं ने कथित NEET पेपर लीक और छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर भी चर्चा कराने की मांग की.
संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हुआ है और यह 13 अगस्त तक चलेगा.
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