नयी दिल्ली, 28 अक्टूबर (भाषा) मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 19 महीने के नर चीते (केएनजी22) की गोली के छर्रों से लगी चोटों के कारण मौत के बाद केंद्र सरकार ने घटना की जमीनी जांच के लिए एक उच्चस्तरीय दल भेजा है। बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
इस दल में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के वन महानिरीक्षक, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) के अतिरिक्त निदेशक और ब्यूरो के क्षेत्रीय उपनिदेशक शामिल हैं।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के बयान के अनुसार, बंदूक की गोलियों के छर्रों के कारण चीते को कई आंतरिक चोटें आई थीं, जिनके चलते उसकी मौत हो गई।
बयान में कहा गया कि ‘केएनजी22’ चीते को 25 अक्टूबर को कूनो राष्ट्रीय उद्यान के संरक्षित क्षेत्र से बाहर मुरैना के प्रादेशिक वन क्षेत्र में घायल अवस्था में पाया गया था। उसी दिन उसे श्योपुर प्रादेशिक वन मंडल से जबलपुर स्थित पशु चिकित्सा केंद्र ले जाया गया, जहां उसका गहन उपचार और आपातकालीन सर्जरी की गई।
बयान के मुताबिक, सर्जरी के दौरान चीते के शरीर से बंदूक की गोलियों के पांच छर्रे निकाले गए। चिकित्सा प्रयासों के बावजूद 27 अक्टूबर 2026 को उसकी मौत हो गई।
उच्चस्तरीय दल को चीते की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की विस्तृत जांच करने, उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल करने और मध्य प्रदेश वन विभाग के साथ समन्वय कर दोषियों के खिलाफ त्वरित एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राज्य सरकार ने भी घटना की जांच के लिए वन और पुलिस अधिकारियों को शामिल करते हुए एक विशेष कार्यबल गठित किया है।
भाषा मनीषा वैभव
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