कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को कहा कि कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम शेड गिरने की घटना में अभी भी 12 से 15 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है. अब तक 21 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, जबकि तीन लोगों की मौत हो गई है.
घटनास्थल का दौरा करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि हादसा दोपहर 12:07 बजे हुआ था. इसके बाद एनडीआरएफ, सेना, एसडीआरएफ, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें संयुक्त रूप से बचाव अभियान चला रही हैं.
उन्होंने कहा, “यह बेहद दुखद घटना है. सेना ने मलबे में फंसे लोगों से संपर्क स्थापित कर लिया है. अब तक 21 लोगों को बाहर निकाला गया है. इनमें 18 लोग जीवित हैं और तीन लोगों की मौत हो चुकी है.”
मुख्यमंत्री ने बताया कि 18 घायलों में से नौ का इलाज एसएसकेएम अस्पताल में चल रहा है. उन्होंने कहा कि बचाव कार्य दोपहर 12:45 बजे शुरू हुआ था और अभी भी जारी है. ऐसे में घटना के कारणों पर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी.
प्रारंभिक जांच का हवाला देते हुए अधिकारी ने कहा कि निर्माण परियोजना के स्वीकृत नक्शे में गड़बड़ी की आशंका सामने आई है. उन्होंने बताया कि परियोजना का प्लान 17 जनवरी 2026 को मंजूर हुआ था. जमीन का मालिकाना हक एसएमपीए के पास है और यह शंभूनाथ बेहरा एवं उनके साझेदारों के नाम पट्टे पर दी गई थी.
मुआवजे के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा सत्र चल रहा है और वह इस विषय पर गुरुवार को सदन में चर्चा करेंगे.
सोशल मीडिया मंच एक्स पर मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि ब्रेस ब्रिज के पास निर्माणाधीन गोदाम ढहने से हुई जनहानि बेहद पीड़ादायक है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया.
मृतकों की पहचान 40 वर्षीय रोहित चौधरी, 30 वर्षीय कृष्णा चौधरी और एक अज्ञात 30 वर्षीय व्यक्ति के रूप में हुई है. घायलों में दुर्बाशा मलान (56), मणि चंद कुमार (22), शाहिद कुमार (26), राजेश रुईदास (25), बिस्वा प्रकाश (28), बोदन मुंडा (28), राजेंद्र राव (55) और राम प्रसाद चौधरी (21) शामिल हैं.
फिलहाल घटनास्थल पर बचाव अभियान जारी है और अधिकारी स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं.