जम्मू, चार जुलाई (भाषा) जम्मू कश्मीर पुलिस की ‘काउंटर इंटेलीजेंस’ इकाई ने शनिवार को एक प्राथमिकी दर्ज की और दो विवादित पुस्तकों में अलगाववादियों का कथित तौर पर महिमामंडन किये जाने के सिलसिले में छापेमारी शुरू की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
जिन पुस्तकों को लेकर विवाद है, उनके नाम हैं – ‘पर्सनैलिटीज एंड लेजेंड्स ऑफ जम्मू कश्मीर’ (लेखक: हिलाल अहमद और संतोष मीणा; प्रकाशक: जम्मू स्थित ओबेरॉय बुक सर्विस) और ‘ग्रेट पर्सनैलिटीज ऑफ जम्मू कश्मीर’ (लेखक: सुशांत गिरी; प्रकाशक: दिल्ली स्थित अनुराग प्रकाशन)।
अधिकारियों के अनुसार, एक पुस्तक की 123 प्रतियां जम्मू, रामबन और उधमपुर जिलों में, जबकि दूसरी पुस्तक की 128 प्रतियां जम्मू और बारामूला जिलों में भेजी गई थीं।
अधिकारियों ने बताया कि जम्मू के काउंटर इंटेलीजेंस पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस की धारा 49 (उकसाना), 61(2) (आपराधिक साजिश), 152 (भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालना), 196 (वैमनस्य या अशांति फैलाना) और 353 (गलत बयान, अफवाहें या रिपोर्ट छापना या फैलाना) के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके अलावा, गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 13 के तहत भी मामला दर्ज किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि मामला दर्ज करने के बाद, इकाई ने शहर के बहू प्लाजा में एक प्रकाशक के ठिकानों पर छापेमारी की।
उन्होंने कहा कि यह तलाशी अभियान मामले से जुड़ी सामग्री एकत्र करने के लिए चल रही जांच के तहत चलाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि जांचकर्ताओं ने छापेमारी के दौरान भौतिक दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए हैं, और अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
इससे पहले, जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इन पुस्तकों की जांच के आदेश दिए और इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के आठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया तथा एक संविदा कर्मचारी की सेवाएं समाप्त कर दी।
यह कार्रवाई भाजपा, कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों द्वारा इस पुस्तक पर यह आरोप लगाए जाने के बाद की गई कि इसमें कथित तौर पर अलगाववाद का ‘महिमामंडन’ किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग के एक आदेश में कहा गया है कि दोनों पुस्तकों को शुक्रवार को वापस ले लिया गया।
भाषा सुभाष गोला
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