कोलकाता, 30 अक्टूबर (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को दावा किया कि अगर पांच साल बाद पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्ता में नहीं रहती है, तो पार्टी छोड़ने वाले पहले व्यक्ति मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी होंगे।
विपक्ष के नेता ने यह भी कहा कि दिसंबर 2020 में तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल हुए अधिकारी को एक हलफनामा देकर यह घोषणा करनी चाहिए कि वह जीवनभर भगवा दल में ही रहेंगे।
बनर्जी ने आरोप लगाया कि विपक्ष में रहते हुए अधिकारी ने तृणमूल के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) का इस्तेमाल किया था।
उन्होंने कहा, ”हमारे पास ऐसी कोई संस्था नहीं है, लेकिन हम झुके नहीं हैं क्योंकि हम सच्चे बंगाली हैं। दिल्ली के पालतू कुत्ते की तरह रहने के बजाय रॉयल बंगाल टाइगर की तरह रहना कहीं अधिक सम्मानजनक है।”
यहां संवाददाताओं के समक्ष उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के कई सांसदों और विधायकों को दूसरी पार्टियों में शामिल होने के लिए डराने के बावजूद मुख्यमंत्री ‘तृणमूल फोबिया’ से पीड़ित हैं।
बनर्जी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री अपने सार्वजनिक भाषणों में ज्यादातर उनके बारे में ही बात करते हैं।
उन्होंने कहा, ”पांच साल बाद आपकी (अधिकारी की) उम्र 61 साल होगी, जबकि मेरी उम्र 43-44 साल होगी। आपकी ताकत घटेगी, जबकि मेरी बढ़ेगी।”
उन्होंने दावा किया कि उनकी 12 वर्षीय बेटी को दुष्कर्म की धमकी दी गई और उनकी पार्टी के कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई।
मुख्यमंत्री अधिकारी की उस टिप्पणी का जिक्र करते हुए, जिसमें उन्होंने 71 वर्षीय पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उम्र बढ़ने के कारण आराम करने की सलाह दी थी, डायमंड हार्बर के सांसद ने दावा किया कि ऐसा करके अधिकारी ने वास्तव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा है, जिनकी उम्र 76 वर्ष है।
बनर्जी ने कहा, ”हो सकता है कि दिल्ली के कुछ नेताओं ने उन्हें प्रधानमंत्री की उम्र को लेकर निशाना साधने के लिए उकसाया हो।”
भाषा राखी नेत्रपाल
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