scorecardresearch
Thursday, 23 April, 2026
होमदेश‘हम’ प्रमुख जीतन मांझी ने की शाह से मुलाकात, बिहार में नए समीकरण की अटकलें

‘हम’ प्रमुख जीतन मांझी ने की शाह से मुलाकात, बिहार में नए समीकरण की अटकलें

Text Size:

नयी दिल्ली, 13 अप्रैल (भाषा) मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले बिहार के सत्ताधारी महागठबंधन में शामिल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में मांझी को लेकर अटकलें तेज हो गईं।

मांझी ने शाह से यह मुलाकात ऐसे समय में की है जब जनता दल (यूनाइटेड) के नेता कुमार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ गठबंधन बनाने के अपने प्रयास के तहत राजधानी दिल्ली में हैं और कई विपक्षी नेताओं के साथ बातचीत कर रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री मांझी ने हालांकि किसी भी तरह की अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की।

मांझी ने कहा कि उन्होंने कुमार के साथ बने रहने की शपथ ली है। भाजपा के साथ हाथ मिलाने की किसी भी संभावना को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि उसने उनके जैसे छोटे दलों के अस्तित्व के खिलाफ बोला है।

दलित नेता मांझी के बेटे राज्य में राजद-जद (यू)-कांग्रेस और वामपंथी दलों के महागठबंधन की सरकार में मंत्री हैं।

मांझी की शाह से मुलाकात उनकी पार्टी की उस मांग के मद्देनजर हुई जिसमें दशरथ मांझी को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किए जाने की बात सामने आई थी। दशरथ मांझी ने दो दशक में पहाड़ों को खोदकर सड़क बना दी थी। उनकी इस उपलब्धि पर एक फिल्म भी बनी है।

शाह के साथ अपनी बैठक के बाद, वह नीतीश से मिलने भी पहुंचे ताकि ऐसी किसी भी धारणा को दूर किया जा सके कि वह फिर से ‘यू-टर्न’ ले सकते हैं। भाजपा 2024 के लोकसभा चुनावों के मद्देनजर बिहार में छोटे दलों को साधने में जुटी हुई है।

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में जद(यू) की करारी हार के बाद नीतीश कुमार द्वारा मुख्यमंत्री पद के लिए चुने गए मांझी ने 2015 में जब कुमार को कुर्सी सौंपने की बात आई थी तो बगावत कर दी थी और भाजपा से हाथ मिला लिया था।

वह 2019 के लोकसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा थे। इस चुनाव को जद (यू) और भाजपा ने एक साथ लड़ा था। बिहार के कुछ हिस्सों में ‘मांझी’ समुदाय में जीतन राम मांझी का खासा प्रभाव है।

भाषा ब्रजेन्द्र

ब्रजेन्द्र पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments