गुरुग्राम: लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े दो शूटर, जिन पर 1-1 लाख रुपये का इनाम था, शनिवार देर रात बहादुरगढ़ के पास हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की बहादुरगढ़ यूनिट और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस विंग की संयुक्त टीम के साथ मुठभेड़ में मारे गए.
मारे गए लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्यों की पहचान हिसार जिले के तिब्बा दानाशेर गांव के रहने वाले प्रवेश और जाखोद खेड़ा गांव के सुशील कुमार के बेटे हिमांशु के रूप में हुई है.
दोनों 11 जून को हांसी के जिम मालिक कपिल की हत्या के मामले में वांछित थे. इस हत्या के कुछ ही घंटों के भीतर लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इसकी जिम्मेदारी ली थी, जिसके बाद यह मामला काफी चर्चा में आ गया था.
हरियाणा पुलिस के एक प्रवक्ता ने दिप्रिंट को बताया कि बहादुरगढ़ इलाके में दोनों आरोपियों की मौजूदगी की पक्की सूचना मिलने के बाद संयुक्त टीम उन्हें पकड़ने के लिए पहुंची.
प्रवक्ता ने बताया कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के ये सदस्य अत्याधुनिक हथियारों से लैस थे और कथित तौर पर इलाके में किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे.
पुलिस को देखते ही उन्होंने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद पुलिस टीमों ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिससे दोनों तरफ से गोलीबारी हुई.
पुलिस के मुताबिक, इस मुठभेड़ में एक कांस्टेबल घायल हो गया, जबकि चार पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए. प्रवक्ता ने बताया कि आरोपियों की चलाई गई गोलियां चार पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगीं.
घायल कांस्टेबल को दोनों आरोपियों के साथ अस्पताल ले जाया गया. इलाज के दौरान डॉक्टरों ने प्रवेश और हिमांशु को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल कांस्टेबल की हालत स्थिर बताई जा रही है.
मुठभेड़ वाली जगह से हथियार और दूसरे सबूत बरामद किए गए हैं. मामले की आगे जांच जारी है, प्रवक्ता ने बताया.
DGP ने जीरो टॉलरेंस नीति का जिक्र किया
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दिखाती है.
उन्होंने कहा कि इस मुश्किल ऑपरेशन को अंजाम देने में पुलिस टीमों ने बहादुरी और पेशेवर तरीके से काम किया. उन्होंने घायल कांस्टेबल के जल्द ठीक होने की कामना भी की. सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस राज्य में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ सख्त और निर्णायक कार्रवाई जारी रखेगी.
हांसी जिम मालिक की हत्या, जिसके बाद शुरू हुई तलाश
11 जून की सुबह हांसी के क्रांतिकारी चौक इलाके में RED नाम का जिम चलाने वाले कपिल की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई, जब वह अपने जिम में कुछ युवकों और एक महिला को ट्रेनिंग दे रहे थे.
पुलिस के मुताबिक, दो हमलावर मोटरसाइकिल पर आए और उनमें से एक ने कपिल पर बेहद करीब से गोलियां चलाईं, जो उनके सिर और पीठ में लगीं. कपिल मौके पर ही गिर पड़े. एक भटकी हुई गोली जिम में मौजूद एक महिला को भी लगी.
बाद में डॉक्टरों ने कपिल के शरीर पर कुल नौ गोलियों के निशान पाए. इनमें से छह गोलियां पीठ में और तीन सीने में लगी थीं.
हत्या के कुछ घंटों बाद “Harry Boxer” नाम के एक X अकाउंट से सोशल मीडिया पोस्ट कर लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से इस हत्या की जिम्मेदारी ली गई. पोस्ट में आरोप लगाया गया कि फरवरी 2025 में हांसी के पास शेखपुरा और धानी पुरिया गांव में हुई दो फायरिंग की घटनाओं का “मास्टरमाइंड” कपिल था.
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 2023 से 2024 के बीच कपिल के खिलाफ चार अलग-अलग पुलिस थानों में हत्या, हत्या की कोशिश और मारपीट के मामले दर्ज थे.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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