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Saturday, 13 June, 2026
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नक्सल प्रभावित इलाकों में पहली बड़ी निवेश पहल, छत्तीसगढ़ को 9,580 करोड़ रुपये के प्रस्ताव मिले

प्रस्तावित निवेश से IT, टेक्सटाइल, डेटा सेंटर और फार्मा सेक्टर में 7,800 नौकरियां पैदा हो सकती हैं.

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हैदराबाद: भारत को आधिकारिक तौर पर माओवाद-मुक्त घोषित किए जाने के कुछ हफ्तों बाद, तेलंगाना की प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, वस्त्र और दवा क्षेत्र की सात बड़ी निजी कंपनियों ने कभी हिंसक नक्सली आंदोलन के गढ़ रहे छत्तीसगढ़ में 9,580 करोड़ रुपये निवेश करने का वादा किया है.

इन कंपनियों ने शुक्रवार को हैदराबाद में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित इन्वेस्टर्स कनेक्ट कार्यक्रम के दौरान निवेश की प्रतिबद्धता जताई.

मुख्य निवेश प्रस्तावों में हाइपरनेक्स्ट डेटा सेंटर लिमिटेड का 4,200 करोड़ रुपये का डेटा सेंटर, फीग्रेड एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड का 2,912 करोड़ रुपये का सीमेंट कारखाना, निवाई लैब्स की 1,000 करोड़ रुपये की सेमीकंडक्टर और GPU इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधा और एसजी मार्ट लिमिटेड का 700 करोड़ रुपये का सौर ऊर्जा उपकरण और विनिर्माण संयंत्र शामिल हैं.

मुख्यमंत्री विष्णु साय को सीधे निवेश प्रस्ताव देने वाली अन्य कंपनियों में दिनशॉ डेयरी फूड्स, काबरा ड्रग्स और सरवाना टेक्सटाइल मिल्स शामिल हैं. सामूहिक रूप से इन निवेशों से 7,800 प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है.

ये बड़े निवेश प्रस्ताव गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 30 मार्च को देश को नक्सलवाद-मुक्त घोषित किए जाने के बाद पहली बार सामने आए हैं. जिन ‘रेड कॉरिडोर’ क्षेत्रों में नक्सलियों ने राज्य के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह चलाया था, उनमें से कई छत्तीसगढ़ में थे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के औद्योगिक माहौल और नीतिगत ढांचे में बढ़ता निवेशकों का भरोसा इस बात को दिखाता है कि माओवाद के बाद के दौर में राज्य सुरक्षा और स्थिरता देने में सक्षम है.

साय ने कार्यक्रम में कहा, “एक उभरते आईटी केंद्र से वैश्विक प्रौद्योगिकी और नवाचार केंद्र बनने तक हैदराबाद का सफर प्रेरणादायक है. छत्तीसगढ़ भी इसी तरह के रोडमैप पर काम कर रहा है और आईटी, विनिर्माण और सेवा जैसे क्षेत्रों में हमें पहले से उत्साहजनक नतीजे दिखाई दे रहे हैं.”

इस मौके पर छत्तीसगढ़ के वाणिज्य और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन और दक्षिण भारत के प्रमुख उद्योगपति, निवेशक और कारोबारी प्रतिनिधि मौजूद थे.

निवेशकों को अपने राज्य में अवसर तलाशने का निमंत्रण देते हुए साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने भारत के प्रमुख शहरों के साथ-साथ जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में भी निवेशक संपर्क कार्यक्रम आयोजित किए हैं. उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के परिणामस्वरूप अब तक 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं.

राज्य की औद्योगिक ताकत को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ हरित इस्पात उत्पादन में एक अग्रणी राज्य बनकर उभर रहा है और राष्ट्रीय ऊर्जा केंद्र के रूप में अपनी स्थिति तेजी से मजबूत कर रहा है.

उन्होंने कहा कि अब तक राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में 3.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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