नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश पुलिस ने समाजवादी पार्टी के नेता हाजी मोहम्मद उस्मान के खिलाफ़ सार्वजनिक उपद्रव और सड़क जाम करने से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. ऐसा उस वीडियो के सामने आने के बाद किया गया, जिसमें कथित तौर पर वह मुरादाबाद सर्किट हाउस के “आने-जाने वाले रास्ते” में खड़ी अपनी कार के पीछे नमाज पढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं.
विपक्षी पार्टी के मुरादाबाद जिला उपाध्यक्ष ने यह आरोप खारिज किया कि उन्होंने किसी का रास्ता रोका था. उन्होंने दिप्रिंट से कहा, “(मैं नमाज पढ़ रहा था) पार्किंग में खड़ी गाड़ियों के पीछे. नमाज पढ़ना शर्म की बात नहीं, बल्कि गर्व की बात है. मैं कानूनी कार्रवाई से डरने वाला नहीं हूं.”
सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे वीडियो में कथित तौर पर वह 3 सितंबर को सर्किट हाउस के अंदर अपनी गाड़ी के पीछे नमाज पढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं.
शनिवार को मझोला पुलिस स्टेशन में सर्किट हाउस के एक अधिकारी की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई. अधिकारी ने पुलिस को बताया कि उस्मान के इस काम से “गाड़ियों और लोगों के आने-जाने में रुकावट” हुई.
उस्मान 3 सितंबर को उत्तर प्रदेश विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव की ओर से बुलाई गई बैठक में शामिल होने के लिए सर्किट हाउस गए थे. इस जगह पर दूसरी विपक्षी पार्टियों के नेता भी मौजूद थे.
“माननीय नेता (लाल बिहारी यादव) के ठहरने के लिए मुरादाबाद सर्किट हाउस में 03.09.2026 से 04.09.2026 तक गोमती रूम, कमरा नंबर 03 और कमरा नंबर 08 आरक्षित किए गए थे. 03.09.2026 को माननीय नेता ने सर्किट हाउस मुरादाबाद के मीटिंग हॉल में बैठक की, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए,” दिप्रिंट के पास मौजूद एफआईआर में लिखा है.
इसके बाद इसमें बताया गया है कि उस्मान ने कहां नमाज पढ़ी.
एफआईआर में जूनियर इंजीनियर ने कहा, “सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसमें श्री हाजी मोहम्मद उस्मान अपनी गाड़ी के पीछे नमाज पढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं. उनकी गाड़ी सर्किट हाउस के आने-जाने वाले रास्ते में खड़ी थी. इससे गाड़ियों और लोगों के आने-जाने में रुकावट हुई. इसलिए मैं इस मामले की सूचना देने के लिए पुलिस स्टेशन आया हूं. कृपया जरूरी कार्रवाई करें.”
इसके बाद पुलिस ने शिकायत पर ध्यान देते हुए एफआईआर दर्ज की, यह बात मुरादाबाद के एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने कही.
सिंह ने कहा, “सर्किट हाउस के एक जूनियर इंजीनियर ने पुलिस से संपर्क किया और आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो के बाद पता चला कि उस्मान ने सर्किट हाउस में आने वाले दूसरे लोगों का रास्ता रोक दिया था. अधिकारी की शिकायत के बाद बीएनएस की धारा 285 (सार्वजनिक रास्ते या आने-जाने के रास्ते में खतरा या रुकावट पैदा करना) और 292 (सार्वजनिक परेशानी के लिए सजा) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. आगे की जांच जारी है.”
दिप्रिंट से फोन पर बात करते हुए उस्मान ने कहा कि नमाज पढ़ना कोई अपराध नहीं है. उन्होंने कहा, “स्कूलों में सरस्वती वंदना की जाती है और सरकारी निर्माण परियोजनाओं से पहले भूमि पूजन किया जाता है. ऐसी स्थिति में सिर्फ नमाज पढ़ने को लेकर एफआईआर दर्ज करना या सवाल उठाना भेदभाव है.”
उन्होंने आगे कहा कि वीडियो में भी वह गाड़ियों के पीछे नमाज पढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं और किसी का रास्ता रोकने के लिए उनके सामने नहीं बैठे थे.
उन्होंने कहा, “वीडियो में मैं पार्किंग में खड़ी गाड़ियों के पीछे नमाज पढ़ता हुआ दिखाई दे रहा हूं. मैं किसी का रास्ता नहीं रोक रहा था. अगर किसी कानून का उल्लंघन हुआ है, तो निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. लेकिन नमाज पढ़ने को लेकर दर्ज किया गया मामला खत्म किया जाना चाहिए. संविधान हमें इसका अधिकार देता है.”
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