नयी दिल्ली, दो अक्टूबर (भाषा) यूपीआई के जरिये लेनदेन की संख्या चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 27 प्रतिशत बढ़कर करीब 145 अरब हो गई। पिछले वित्त वर्ष की अप्रैल-सितंबर अवधि में यूपीआई के जरिये 114 अरब लेनदेन हुए थे।
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में यूपीआई लेनदेन का मूल्य भी 20 प्रतिशत बढ़कर 177 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही में 148 लाख करोड़ रुपये था।
सितंबर में हालांकि, यूपीआई लेनदेन की संख्या माह आधार पर 1.7 प्रतिशत घटकर 24.07 अरब रही। अगस्त में यह 24.5 अरब थी।
इसी तरह सितंबर में लेनदेन का मूल्य भी 1.5 प्रतिशत घटकर 29.37 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि अगस्त में यह 29.82 लाख करोड़ रुपये था।
उद्योग से जुड़े लोगों ने लेनदेन में इस गिरावट का कारण अगस्त में 31 दिन और सितंबर में 30 दिन होने को बताया।
उन्होंने कहा कि सितंबर में रोजाना औसत लेनदेन 80.2 करोड़ रहा, जबकि अगस्त में यह 79.1 करोड़ था।
ये आंकड़े व्यापारियों के लिए अधिक मूल्य वाले यूपीआई लेनदेन पर नए ‘मर्चेंट डिस्काउंट रेट’ (एमडीआर) के लागू होने से करीब दो सप्ताह पहले आए हैं।
नए नियमों अनुसार, 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर व्यापारियों से 0.4 प्रतिशत एमडीआर लिया जाएगा। हालांकि, राशि चाहे जितनी हो, व्यक्ति से व्यक्ति (पी2पी) लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।
भाषा योगेश रमण
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