नयी दिल्ली, 16 अगस्त (भाषा) भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने रविवार को कहा कि कानून के उल्लंघन को लेकर नोटिस जारी किए जाने के बाद छह कंपनियों ने भ्रामक लेबल और ट्रेडमार्क हटाने समेत सुधारात्मक कदम उठाए हैं।
खाद्य नियामक ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा कि छह खाद्य कारोबार संचालकों (एफबीओ) ने नोटिस मिलने के बाद तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई की है।
उसने कहा कि इन उपायों में भ्रामक लेबल दावों को वापस लेने से लेकर उपभोक्ता सुरक्षा और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए उत्पादों की पैकेजिंग में बदलाव करना शामिल है।
एफएसएसएआई ने बताया कि लिवयोर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड ने ‘वीगन एंड हेल्दी’ का भ्रामक दावा वापस ले लिया है।
कंपनी ने अपने उत्पाद ‘लिवयोर रोस्टेड एडामेम बीन्स’ के लेबल पर किए गए भ्रामक दावों के संबंध में जवाब दाखिल किया है।
एफबीओ ने अपने जवाब में कहा कि नियामकीय आवश्यकताओं की जानकारी के अभाव में उत्पाद के लेबल पर ‘वीगन’ और ‘हेल्दी’ दावे अनजाने में छप गए थे।
नियामक ने कहा कि कंपनी ने इस चूक पर खेद जताया, उल्लंघन के लिए माफी मांगी और भविष्य में ऐसा गैर-अनुपालन नहीं दोहराने का आश्वासन दिया है।
एफबीओ ने यह भी बताया कि उसने उत्पाद के लेबल में संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी मौजूदा पैकेजिंग सामग्री को नष्ट कर रही है, जिस पर नियमों का पालन नहीं करने वाले दावे दर्ज हैं, ताकि भविष्य में उसका इस्तेमाल न हो सके।
इसी तरह, ऑनेस्ट इनोवेशन फॉर यू प्राइवेट लिमिटेड और हेलियोस्टोन स्पेशलिटीज प्राइवेट लिमिटेड ने अपने भ्रामक ट्रेडमार्क में बदलाव किया है।
राजस्थान एग्रो एंड जनरल इंडस्ट्रीज ने नोटिस का अनुपालन करते हुए सभी भ्रामक दावों को हटा दिया है।
आईओटा नैनोटेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड ने लेबल से भ्रामक दावे हटा दिए हैं और मानकीकृत नहीं किए गए पानी का उत्पादन बंद कर दिया है।
भाषा योगेश अजय
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