मुंबई, 15 अक्टूबर (भाषा) घरेलू शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को तेजी आई। कच्चे तेल के दाम में नरमी के बीच बैंक, आईटी तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भारी लिवाली से मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 1,534 अंक चढ़कर तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया जबकि निफ्टी 23,000 अंक के करीब पहुंच गया।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,533.72 अंक चढ़कर 74,315.61 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 1,548.4 अंक चढ़कर 74,330.29 अंक तक पहुंच गया था।
एनएसई निफ्टी भी 374.65 अंक यानी 1.66 प्रतिशत चढ़कर 22,997.35 अंक पर बंद हुआ। यह निफ्टी का 25 सितंबर के बाद उच्चतम स्तर है।
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में टेक महिंद्रा का शेयर सबसे अधिक 4.61 प्रतिशत चढ़ा। इसके अलावा आईसीआईसीआई बैंक में 4.17 प्रतिशत, भारती एयरटेल में 2.94 प्रतिशत, इटर्नल में 2.77 प्रतिशत, एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 2.58 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक में 2.51 प्रतिशत और टीसीएस में 2.28 प्रतिशत की तेजी रही।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 4.03 प्रतिशत उछला। उसकी दूरसंचार और डिजिटल सेवा इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है। इससे ऊपरी स्तर पर करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं। इसके साथ यह देश का अबतक का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये अंकित मूल्य वाले अधिकतम 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। यह निर्गम बुधवार, 21 अक्टूबर को खुलेगा और शुक्रवार, 23 अक्टूबर को बंद होगा।
सेंसेक्स में शामिल भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, ट्रेंट और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में गिरावट रही।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.34 प्रतिशत टूटकर 103.6 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘कृत्रिम मेधा (एआई) कंपनियों के ऊंचे मूल्यांकन और अमेरिका में महंगाई बढ़ने की चिंताओं के कारण प्रौद्योगिकी आधारित वैश्विक बाजारों में बिकवाली हुई। इससे भारतीय बाजार अपेक्षाकृत आकर्षक नजर आया और घरेलू बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों, निजी वित्तीय कंपनियों तथा निवेश के लिहाज से सुरक्षित मानी जाने वाली बड़ी कंपनियों के शेयरों में निवेश बढ़ा।’’
नायर ने कहा कि बॉण्ड प्रतिफल में गिरावट, रुपये में स्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भी बाजार धारणा को समर्थन मिला। प्रतिभूति लेन-देन कर (एसटीटी) की समीक्षा की संभावनाओं से भी निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 1,857.44 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
ऑनलाइन कारोबार और संपत्ति प्रबंधन कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर ने कहा, ‘‘भारतीय शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को व्यापक तेजी रही और कारोबार बढ़ने के साथ प्रमुख सूचकांकों में बढ़त मजबूत हुई। इस तेजी से बुधवार की गिरावट की भरपाई हो गई और दोनों सूचकांक वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख के बावजूद दिन के उच्चस्तर के करीब बने रहे।’’
उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में तेजी रही। निजी बैंकों, वाहन कंपनियों तथा तेल एवं गैस क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी लिवाली देखी गई।
पोनमुडी ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की मजबूती, जियो के आईपीओ को लेकर उत्साह और रुपये में मजबूती से बाजार की निकट अवधि की धारणा बेहतर हुई है।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की नुकसान में रहे। चीन में शंघाई एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग भी गिरावट के साथ बंद हुए।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में मिला-जुला रुख रहा। अमेरिकी बाजार बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
सेंसेक्स बुधवार को 251.89 अंक टूटकर 72,781.89 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी 99.25 अंक की गिरावट के साथ 22,622.70 अंक पर रहा था।
भाषा रमण अजय
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