मुंबई, 19 अक्टूबर (भाषा) गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) पीरामल फाइनेंस का सितंबर तिमाही का शुद्ध मुनाफा 67 प्रतिशत बढ़कर 545 करोड़ रुपये हो गया। मुख्य आय में वृद्धि और लागत में सुधार से कंपनी के मुनाफा बढ़ा है।
कंपनी की शुद्ध ब्याज आय 35 प्रतिशत बढ़कर 1,530 करोड़ रुपये हो गई। इसका कारण प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियों (एयूएम) में 24 प्रतिशत की वृद्धि और शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) के 0.35 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 6.5 प्रतिशत पर पहुंचना है।
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कंपनी का लागत-आय अनुपात भी उल्लेखनीय रूप से सुधरकर 52.1 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में 61.2 प्रतिशत था।
कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जयराम श्रीधरन ने कहा कि एनबीएफसी क्षेत्र में कंपनी की स्थिति विशिष्ट है और बढ़ती ब्याज दरों के माहौल में उसे अपने मार्जिन पर दबाव आने का खतरा नहीं दिख रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि कंपनी अगले एक साल में शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) में 0.20 प्रतिशत तक का विस्तार कर सकेगी।
यह पूछे जाने पर कि ब्याज दरें बढ़ने से एनबीएफसी की कर्ज लागत बढ़ने के बावजूद ऐसा कैसे संभव होगा, श्रीधरन ने बताया कि हाल में मिली रेटिंग में वृद्धि से अगले दो से तीन साल में उधारी की लागत घटाने और मार्जिन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सितंबर, 2026 के अंत तक कंपनी का सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (जीएनपीए) अनुपात 2.4 प्रतिशत पर स्थिर रहा।
इस बीच, कंपनी ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के पूर्व चेयरमैन दिनेश कुमार खारा को अगले पांच साल के लिए स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करने की भी घोषणा की।
भाषा राजेश राजेश अजय
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