नयी दिल्ली, तीन नवंबर (भाषा) पेंशन एवं पेंशनधारक कल्याण विभाग की सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा ने पेंशनभोगियों से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) अपनाकर डिजिटल सशक्तीकरण के लिए लोगों को प्रेरित करने की मंगलवार को अपील की।
पेंशन जारी रखने के लिए पेंशनधारकों को हर साल जीवन प्रमाणपत्र जमा करना जरूरी होता है। ‘जीवन प्रमाण’ नामक बायोमेट्रिक आधारित डिजिटल सेवा के जरिये यह प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जा सकती है।
यहां आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विभाग की सचिव वर्मा ने कहा कि विभाग की सभी पहल के केंद्र में पेंशनभोगी हैं और डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि दूरदराज के इलाकों में रहने वाले पेंशनधारकों सहित हर पेंशनभोगी तक इसकी पहुंच सुनिश्चित हो।
कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, सचिव ने पेंशनधारकों से अपने अनुभव साझा करके और साथी पेंशनभोगियों को चेहरे की पहचान वाली प्रौद्योगिकी अपनाने के लिए प्रोत्साहित करके डिजिटल सशक्तीकरण का दूत बनने का आग्रह किया।
उन्होंने इस पहल की सुविधा का उल्लेख करते हुए कहा कि पेंशनभोगी स्मार्टफोन के जरिये घर बैठे अपना डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बना सकते हैं। इसके लिए उन्हें किसी दूसरे व्यक्ति पर निर्भर रहने या बैंक शाखा जाने की जरूरत नहीं है।
वर्मा यहां संसद मार्ग स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शाखा में पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग की ओर से आयोजित शिविर को संबोधित कर रही थीं। यह शिविर देशव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान -5 के तहत बैंक के सहयोग से आयोजित किया गया था।
यह अभियान देशभर के 2,000 शहरों और जिलों में एक नवंबर को शुरू हुआ, जो 30 नवंबर को समाप्त होगा।
भाषा यासिर अजय
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